तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने वाले जहाजों को नियंत्रित करने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार की है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को बताया कि एक मैकेनिज्म बनाया गया है, जिससे होर्मुज के ट्रैफिक से टोल वसूली को व्यवस्थित किया जा सके। इस प्लान को ईरान की ओर से जल्दी ही दुनिया के सामने रखा जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट लगातार विवाद के केंद्र में है। ऐसे में ईरान का टोल वसूली का प्लान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नाराज कर सकती है।
रॉयटर्स के अनुसार, इब्राहिम अजीजी ने बताया कि इस नए तंत्र के तहत ईरान वाणिज्यिक जहाजों और नेवी के साथ सहयोग करने वाले देशों को प्राथमिकता के आधार पर पहुंच दी जाएगी। इस प्रक्रिया में केवल वाणिज्यिक जहाजों और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्षों को ही लाभ मिलेगा। अजीजी ने कहा कि निर्धारित शिपिंग मार्ग का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
जहाजों से लिया जाएगा शुल्क
ईरानी नेता ने बताया कि प्रस्तावित तंत्र के तहत प्रदान की जाने वाली विशेष सेवाओं के लिए जहाजों से आवश्यक शुल्क लिया जाएगा। अजीजी ने साफ किया है कि होर्मुज स्ट्रेट का समुद्री मार्ग उन ऑपरेटरों के लिए बंद रहेगा, जिनका संबंध उस पहल से है जिसे उन्होंने फ्रीडम प्रोजेक्ट बताया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सभी को लाभ होगा।
ईरानी अधिकारी की ये टिप्पणियां होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव के बीच आई हैं। इस समुद्री मार्ग पर ईरान के नियंत्रण और अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जो ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रभावित है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अहम रूट है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में यातायात प्रभावित है।
अमेरिका और ईरान के हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री रूट को नियंत्रण में ले लिया है। ईरान ने कुछ चुनिंदा जहाजों को ही इस समुद्री गलियारे से गुजरने की अनुमति दी है। ईरानी सेना और सरकार ने कहा है कि वह व्यवस्था के तहत ये बताएगी कि होर्मुज से जहाज कैसे गुजरेंगे और किन देशों के जहाजों को अनुमति होगी।