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एसआईआर विवाद पर शुभेंदु अधिकारी का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘चुनावी हार की निराशा में फैलाई जा रही अफवाह’

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद और पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्तियों के बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है. . .

कोलकाता : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद और पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्तियों के बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद विपक्षी दल निराश हैं और इसी वजह से SIR को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियां राजनीतिक कारणों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और लोगों की भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही है।

‘चुनावी हार के बाद विपक्ष फैला रहा अफवाह’

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को स्वीकार नहीं कर पाने वाले कुछ लोग और मीडिया संस्थान लगातार SIR को लेकर भ्रम और अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनावी हार के बाद विपक्षी दलों में निराशा है और इसी का असर SIR को लेकर उनके विरोध में दिखाई दे रहा है।

केरल और बंगाल की तुलना कर कांग्रेस पर निशाना

भाजपा नेता ने SIR के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने केरल और पश्चिम बंगाल में पार्टी के रुख की तुलना करते हुए दावा किया कि केरल में चुनावी सफलता के बाद कांग्रेस SIR का समर्थन कर रही है, जबकि पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद इसी प्रक्रिया का विरोध कर रही है। शुभेंदु ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का रुख राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदल रहा है।

‘27 लाख नाम हटने के लिए ममता जिम्मेदार’

शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में SIR के दौरान 27 लाख नाम हटाए जाने के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार थीं, न कि भाजपा या चुनाव आयोग। यह दावा शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक आरोप के तौर पर किया है।

SIR को लेकर ममता बनर्जी पर भी हमला

भाजपा नेता ने SIR प्रक्रिया का विरोध करने को लेकर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर तृणमूल कांग्रेस का विरोध राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में वास्तविक मतदाताओं की पहचान और सूची को अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

तृणमूल-CPI(M) की कथित नजदीकी पर कसा तंज

शुभेंदु अधिकारी ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस और CPI(M) के बीच कथित राजनीतिक समझ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन दलों के बीच लंबे समय तक राजनीतिक विरोध रहा, वे अब SIR के मुद्दे पर एक जैसी भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने वाम मोर्चे के शासन के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र किया और शैबाड़ी तथा नंदीग्राम जैसे मामलों को लेकर तृणमूल और वाम दलों के पुराने राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाए।

SIR पर जारी है राजनीतिक टकराव

पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है। विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा इसका समर्थन करते हुए इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने की प्रक्रिया बता रही है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी के ताजा बयान ने इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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