नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों और देश के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही तीन बड़ी योजनाओं के लिए कुल 2,79,157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल
रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का एमएसपी 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। कैबिनेट ने रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है।
छह रबी फसलों के लिए एमएसपी की अनुशंसा
वैष्णव के अनुसार, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने छह प्रमुख रबी फसलों के लिए एमएसपी की अनुशंसा की है:
- गेहूं: अनुमानित उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल, एमएसपी 2,610 रुपये। किसानों को लागत पर सबसे अधिक 106 प्रतिशत मार्जिन मिलेगा।
- सरसों/रेपसीड: लागत 3,367 रुपये, एमएसपी 6,613 रुपये प्रति क्विंटल। मार्जिन 96 प्रतिशत।
- मसूर: लागत 3,854 रुपये, एमएसपी 7,390 रुपये प्रति क्विंटल। मार्जिन 92 प्रतिशत।
- चना: लागत 3,751 रुपये, एमएसपी 5,958 रुपये प्रति क्विंटल। मार्जिन 59 प्रतिशत।
- जौ: लागत 1,447 रुपये, एमएसपी 2,286 रुपये प्रति क्विंटल। मार्जिन 58 प्रतिशत।
- कुसुम: लागत 4,810 रुपये, एमएसपी 7,215 रुपये प्रति क्विंटल। मार्जिन 50 प्रतिशत।
पीएम धारा योजना को 1.86 लाख करोड़ रुपये
कैबिनेट ने पीएम धारा (डेवलपिंग हार्मोनाइज्ड एंड एक्सलरेटेड रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस) योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच को सुसंगत और तेज करने पर केंद्रित है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III को हरी झंडी
बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के विकास के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III योजना को भी मंजूरी मिली है। इससे 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के लिए 1,790 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह परियोजना 42 चिह्नित यातायात गलियारों को कवर करेगी और 24 महीनों में तीन चरणों में लागू की जाएगी। इसके बाद पांच वर्षों तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा। इससे दिल्ली में यातायात प्रबंधन आधुनिक होने की उम्मीद है।
किसानों को क्या फायदा होगा?
सरकार को उम्मीद है कि एमएसपी में इस बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी और किसानों की आय में सुधार होगा।