कोलकाता | आगामी नगर निगम चुनावों और त्योहारों के मौसम से ठीक पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने शुक्रवार से कोलकाता सहित पूरे राज्य में तीन दिवसीय विशेष जन कल्याण शिविर ‘सेवा सेतु अभियान’ शुरू कर दिया है। शिविर 2 अक्टूबर से अगले तीन दिनों तक रोज सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। यह शिविर 2 अक्टूबर से शुरू होकर आगामी तीन दिनों तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होगा। इस अभियान के तहत आम नागरिक अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षार्थी, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे।
एक छत के नीचे सरकारी योजनाओं के आवेदन
इस अभियान में आम नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे। इनमें अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षार्थी, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान सम्मान निधि शामिल हैं।
महानगर में 53 ठिकाने: 16 बोरो में लगे शिविर
कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र में 16 बोरो के तहत कुल 53 शिविर लगाए गए हैं, यानी औसतन हर बोरो में तीन से पांच। नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे के अनुसार सभी शिविर सुबह 11 से शाम 5 बजे तक सक्रिय रहेंगे। मौके पर संबंधित विभागों के सरकारी अधिकारी फॉर्म बांटने और जमा कराने की प्रक्रिया पूरी कराएंगे।
भीड़ पर नजर: पुलिस बल और विधायकों को जिम्मेदारी
भारी भीड़ को संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार से सभी शिविरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का अनुरोध किया है। शिविरों की जानकारी स्थानीय लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी क्षेत्र के विधायकों को सौंपी गई है।
सिर्फ फॉर्म नहीं, शिविर में मिलेंगी ये सुविधाएं
प्रशासन ने शिविरों को बहुउद्देश्यीय बनाया है। हर शिविर में ये सुविधाएं उपलब्ध हैं:
- स्वास्थ्य डेस्क: प्राथमिक जांच के लिए हर कैंप में एक मेडिकल डेस्क।
- तत्काल ई-केवाईसी केंद्र: दस्तावेज और बायोमेट्रिक विवरण मौके पर अपडेट करने की सुविधा।
- बैंक काउंटर: कई प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद, ताकि खाता खुलवाने और वित्तीय सत्यापन में देरी न हो।
- ब्रेस्ट फीडिंग और चाइल्ड-केयर जोन: शिशुवती माताओं के लिए अलग केंद्र और बच्चों के खेलने की जगह।
अन्नपूर्णा पर सबसे ज्यादा दबाव, विशेष काउंटर तैनात
प्रशासनिक अधिकारियों का अनुमान है कि अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म जमा करने को लेकर सबसे ज्यादा दबाव रहेगा। इसके लिए विशेष काउंटर और निगरानी दल लगाए गए हैं।