नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचे हैं। दुनिया के प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं में शामिल जिनपिंग का राजनीतिक सफर कई दशकों में फैला है। हालांकि, सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने की उनकी कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही रोचक उनकी शिक्षा और शुरुआती जीवन की यात्रा भी है। शी जिनपिंग ने चीन के प्रतिष्ठित छिंगहुआ विश्वविद्यालय से रसायन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से कानून और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
बीजिंग में जन्म, पिता थे कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता
शी जिनपिंग का जन्म 15 जून 1953 को बीजिंग में हुआ था। उनके पिता शी झोंगशुन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और देश के शुरुआती क्रांतिकारी दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे। जिनपिंग का बचपन चीन में बड़े राजनीतिक बदलावों के दौर में बीता। 1960 के दशक में उनके पिता के राजनीतिक जीवन में बदलाव आया, जिसका असर परिवार पर भी पड़ा।
15 साल की उम्र में पहुंचे गांव, करीब सात साल बिताया ग्रामीण जीवन
1969 में, करीब 15 वर्ष की उम्र में शी जिनपिंग को चीन के ग्रामीण इलाके में भेजा गया। वह शान्शी प्रांत के यानआन क्षेत्र के लियांगजियाहे गांव पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीण लोगों के साथ रहकर खेती और अन्य काम किए। ग्रामीण जीवन के दौरान उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों और आम लोगों की समस्याओं को करीब से समझा। बाद में वे गांव की पार्टी शाखा के सचिव भी बने।
1975 में छिंगहुआ विश्वविद्यालय में लिया दाखिला
ग्रामीण क्षेत्र में कई साल बिताने के बाद 1975 में शी जिनपिंग ने छिंगहुआ विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां उन्होंने रसायन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1979 में स्नातक की डिग्री हासिल की। उनकी शिक्षा का शुरुआती क्षेत्र इंजीनियरिंग था, लेकिन आगे चलकर उन्होंने कानून और राजनीतिक विचारधारा का भी अध्ययन किया।
पढ़ाई के बाद सैन्य कार्यालय में शुरू किया करियर
1979 में विश्वविद्यालय से निकलने के बाद शी जिनपिंग ने सीधे किसी बड़े राजनीतिक पद से शुरुआत नहीं की। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सैन्य आयोग के महासचिव और रक्षा मंत्री गेंग बियाओ के कार्यालय में सचिव के रूप में काम किया। यही जिम्मेदारी उनके प्रशासनिक और राजनीतिक करियर की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
इन-सर्विस पढ़ाई के जरिए कानून में हासिल की डॉक्टरेट
राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ शी जिनपिंग ने अपनी उच्च शिक्षा भी जारी रखी। उन्होंने छिंगहुआ विश्वविद्यालय में इन-सर्विस स्नातकोत्तर अध्ययन किया। इस दौरान उनका अध्ययन कानून और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा। बाद में उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।
गांव से शुरू हुआ राजनीतिक सफर पहुंचा सत्ता के शीर्ष तक
लियांगजियाहे गांव में बिताया समय शी जिनपिंग के राजनीतिक जीवन का शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। गांव की पार्टी शाखा के सचिव के रूप में काम करने के बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया। उन्होंने फुजियान, झेजियांग और शंघाई समेत चीन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशासनिक और पार्टी पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।
2007 में शंघाई से केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचे
2007 में शी जिनपिंग ने शंघाई के पार्टी सचिव की जिम्मेदारी संभाली। इसी वर्ष वे कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में शामिल हुए। इसके बाद 2008 में वे चीन के उप राष्ट्रपति बने। इससे देश के शीर्ष नेतृत्व में उनकी स्थिति और मजबूत हुई।
2012 में बने कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव
नवंबर 2012 में शी जिनपिंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव चुने गए। इसके बाद वे चीन के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व के केंद्र में पहुंच गए और आगे चलकर देश के राष्ट्रपति बने। इस तरह एक राजनीतिक परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनका शुरुआती जीवन ग्रामीण चीन में बीता और उनकी शिक्षा का सफर इंजीनियरिंग से कानून और राजनीतिक विचारधारा तक पहुंचा।