डेस्क। बंगाल के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब भाजपा का कोई नेता राज्य में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बंपर जीत हासिल की है। अब शपथ ग्रहण समरोह की तैयारी की जा रही है। कोलकाता के Brigade Parade Ground में शपथ ग्रहण समरोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पीएम मोदी सहित कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। बीजेपी पहली बार बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। मैदान में तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में है।
मंच पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा लगेगी
मंच पर मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा लगाई भी लगाई जाएंगी। इसके साथ ही बंगाल के कई महान व्यक्तित्वों के बड़े चित्र भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में 50 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। करीब 30 हजार कुर्सियां लगाई जा रही हैं और मैदान के चारों तरफ 25 बड़े गेट बनाए जा रहे हैं। इनमें से पांच वीआईपी मेहमानों के लिए होंगे। हर गेट पर बंगाल की विरासत और संस्कृति की झलक दिखाई देगी।
झालमुड़ी का लगेगा स्टॉल
बीजेपी की तैयारी है कि इस आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी खूब नजर आए। छाऊ नृत्य, बाउल संगीत और सिंदूर खेला जैसे पारंपरिक कार्यक्रम रखे गए हैं। खाने-पीने के स्टॉल पर झालमुड़ी, रसगुल्ला और संदेश जैसे बंगाली व्यंजन भी लोगों को मिलेंगे। राज्य में शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी है।
बीजेपी को लंबे समय तक नकारा गया-बीजेपी नेता
मीडिया से बात करते हुए बीजेपी के एक नेता ने कहा कि लंबे समय तक बीजेपी को बंगाल की संस्कृति से अलग बताने की कोशिश की गई, लेकिन चुनावी नतीजों ने उस सोच को बदल दिया। अब शपथ ग्रहण समारोह के जरिए बंगाल की पहचान और संस्कृति को बड़े मंच पर दिखाया जाएगा। हम बंगाल को एक नै दिशा देने जा रहे हैं।
राइटर्स बिल्डिंग में जायेंगे नए मुख्यमंत्री
शपथ ग्रहण के बाद नए मुख्यमंत्री का राइटर्स बिल्डिंग(Writers’ Building) जाने का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है। राइटर्स बिल्डिंग राज्य सरकार का कार्यालय है। जहां मुख्यमंत्री सहित कई अन्य विभाग काम करते हैं। हालांकि ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद यह कही और शिफ्ट हो गया था। लेकिन अब फिर से इसे राइटर्स बिल्डिंग लाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की बंपर जीत
राज्य में हुए चुनाव में भाजपा ने बंपर जीत हासिल की है। भाजपा के खाते में 207 सीटें गई है। वहीं टीएमसी के खाते में महज 80 सीटें आई। 15 साल के राज के बाद ममता बनर्जी को अपनी कुर्सी पड़ी। इस चुनाव में कांग्रेस को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा।