सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्य के पूर्व उत्तर बंग विकास मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदयन गुहा को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक पुराने वित्तीय अनियमितता और कथित करोड़ों रुपये की वसूली (तोलाबाजी) से जुड़े मामले में की गई है।
दिनहाटा थाने में दर्ज एक मामले में हुई गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि दिनहाटा थाने में दर्ज एक मामले की जांच के आधार पर कूचबिहार जिला पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद उन्हें शियालदह अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से ट्रांजिट रिमांड लेकर कोचबिहार ले जाने की तैयारी की जा रही है।
पुराने मामलों को लेकर फिर चर्चा में उदयन गुहा
उदयन गुहा का नाम पहले भी कई विवादों और मामलों में सामने आ चुका है। उनके खिलाफ अतीत में विभिन्न आरोपों के तहत मामले दर्ज किए गए थे। प्रमुख मामलों में शामिल हैं:
@ रतन बर्मन हत्याकांड मामला
@‘पांच शहीद’ मामला
@वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े आरोप
@दिनहाटा अस्पताल में कथित रूप से अवैध ‘चाइल्ड केयर यूनिट’ निर्माण का मामला
@ दिनहाटा नगरपालिका क्षेत्र में घर दिलाने के नाम पर धन लेने के आरोप
हालांकि, इन मामलों को लेकर उदयन गुहा और उनके समर्थक पहले भी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते रहे हैं।
अदालत में पेशी के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत से अनुमति मिलने के बाद पूछताछ के लिए उन्हें कोचबिहार ले जाया जा सकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
उदयन गुहा की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इस कार्रवाई को कानून के अनुसार उठाया गया कदम बता रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर अदालत की कार्यवाही और पुलिस जांच की अगली दिशा पर टिकी हुई है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।