बारुईपुर। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व बारुईपुर जिला पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पिनाकी दत्ता कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि देर रात छापेमारी के दौरान तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
फोरेंसिक जांच और पूछताछ जारी
पुलिस ने घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय उनकी क्या भूमिका थी और क्या वे इस अपराध या किसी साजिश में शामिल थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
तीन अलग-अलग मामले दर्ज
बारुईपुर थाना पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में कुल तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। इसके अलावा कानून हाथ में लेने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला, सड़क और रेल अवरोध तथा भीड़ द्वारा एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के संबंध में दो स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) मामले दर्ज किए गए हैं।
इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जो पहले लागू होने वाली धारा 144 के समान प्रतिबंधात्मक प्रावधान है। क्षेत्र में दुकानें बंद हैं और भारी संख्या में पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) तथा केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी नई हिंसा या अशांति को रोका जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन से वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी।
मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से की बात
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के पिता से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिवार को मंगलवार को कोलकाता स्थित भवानी भवन बुलाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर थाना क्षेत्र की 12 वर्षीय बच्ची शनिवार शाम से लापता थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह घर के पास स्थित एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ। परिवार का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
घटना के बाद भड़का विरोध
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम की, टायर जलाए और नामखाना रेल लाइन पर ट्रेन रोक दी, जिससे करीब एक घंटे तक रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। हालात नियंत्रित करने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इस दौरान पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इसी अफरातफरी के बीच एक आरोपी को भीड़ ने पकड़ लिया और कथित तौर पर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।
आगे की कार्रवाई पर नजर
बारुईपुर की इस दर्दनाक घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर एसआईटी की जांच, आरोपियों के खिलाफ जुटाए जा रहे साक्ष्यों और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों पर टिकी है।
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