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आम जनता को मिल सकती है बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल के दाम घटने के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने दिए बड़े संकेत

नई दिल्ली। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती. . .

नई दिल्ली। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और भू-राजनीतिक तनाव नहीं बढ़ता, तो आने वाले दो से तीन महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में लंबे समय तक बनी अस्थिरता के बावजूद भारत ने ईंधन आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखा और देश में कहीं भी पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होने दी।

वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सीमित रहा असर

जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरदीप पुरी ने बताया कि हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़ोतरी हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कीमतें केवल मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दरों से तय नहीं होतीं। रिफाइनरियां जिस कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती हैं, उसकी खरीद आमतौर पर लगभग दो महीने पहले की जाती है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार में कुछ समय बाद दिखाई देता है।

दो से तीन महीने में मिल सकती है राहत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य बनी रहती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई नया संकट पैदा नहीं होता, तो अगले दो से तीन महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी संभव है। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा था। इसके बावजूद भारत ने बेहतर आपूर्ति प्रबंधन और रणनीतिक योजना के जरिए देशभर में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की।

एलपीजी उत्पादन में बड़ा इजाफा

हरदीप पुरी ने बताया कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एलपीजी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। निजी रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ने से देश में प्रतिदिन एलपीजी उत्पादन लगभग 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 55 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू गैस की उपलब्धता बेहतर हुई है और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।

इथेनॉल पर फैली भ्रांतियों को बताया बेबुनियाद

इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार रचनात्मक सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन इथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही कई आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इथेनॉल का उपयोग दुनिया के कई देशों में वर्षों से किया जा रहा है। भारत में भी इसकी योजना वर्ष 2006-08 के दौरान शुरू की गई थी। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां भी निर्धारित मानकों के अनुरूप इथेनॉल मिश्रित ईंधन को सुरक्षित मान चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

पचपदरा रिफाइनरी से बढ़ेगी ऊर्जा आत्मनिर्भरता

राजस्थान के पचपदरा में बन रही अत्याधुनिक रिफाइनरी का उल्लेख करते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि यह परियोजना देश की ऊर्जा क्षमता को नई मजबूती देगी। उनके अनुसार रिफाइनरी अगले तीन से चार महीनों में पूर्ण क्षमता के साथ संचालन शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई देशों में नई रिफाइनरियां स्थापित नहीं हो रहीं, तब भारत लगातार अपनी ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार कर रहा है। इससे घरेलू ईंधन उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत होगा।

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