गंगटोक / नामची: सिक्किम के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक, दक्षिण सिक्किम के नामची स्थित तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सामरडुंग स्थित 500 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना की ‘हेड रेस टनल’ में हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। सुरंग में फंसे कुल 25 मजदूरों में से 3 अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में बचाव दल दिन-रात जुटे हुए हैं।
चट्टानों में दबी मीथेन गैस से हुआ था धमाका
यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर लगभग 1 बजे हुआ। टनल निर्माण के दौरान चट्टानों के बीच फंसी जहरीली मीथेन गैस में अचानक विस्फोट हो गया, जिससे सुरंग का एक हिस्सा ढह गया और अंदर काम कर रहे 25 मजदूर वहीं फंस गए।
विषैली गैस और धुएं के बीच रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
विस्फोट के बाद टनल में मीथेन गैस और भारी धुआं भर जाने के कारण राहत कार्य में काफी बाधाएं आईं।
- विशेषज्ञ टीमों की तैनाती: बुधवार रात करीब 10 बजे आसनसोल से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की विशेष एक्सपर्ट टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद दूसरी टीम भी रेस्क्यू में शामिल हुई।
- संयुक्त अभियान: NDRF, SDRF, NHPC, माइन्स सेफ्टी और निर्माण कंपनी ‘पटेल इंजीनियरिंग’ के राहत दलों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
- तकनीकी प्रयास: वेंटिलेशन पाइप के जरिए ताजी हवा का प्रवाह बहाल किया गया और पम्पिंग सिस्टम की मदद से जल निकासी की गई। मौके पर NHPC के शीर्ष अधिकारी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
हादसे के मुख्य आंकड़े
- दुर्घटना स्थल: सामरडुंग, नामची जिला (सिक्किम)
- संबंधित परियोजना: 500 मेगावॉट तीस्ता स्टेज-6 (हेड रेस टनल)
- हादसे का कारण: चट्टानों में फंसी मीथेन गैस का अचानक विस्फोट
- कुल फंसे मजदूर: 25
- पुष्टि किए गए मृतक: 22
- लापता मजदूर: 3 (तलाश जारी)
मृतकों की पहचान और अनुग्रह राशि (मुआवजा) की घोषणा
बरामद किए गए 22 शवों में से अब तक 8 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 4 मजदूर पश्चिम बंगाल (जलपाईगुड़ी) के थे, जबकि 1-1 मजदूर पंजाब, उत्तराखंड, असम और सिक्किम के रहने वाले थे। कुछ अन्य मजदूर झारखंड (खूंटी, हजारीबाग, पश्चिम सिंहभूम) के बताए जा रहे हैं। पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए राहत राशि का ऐलान किया गया है:
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF): मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000।
- सिक्किम सरकार (मुख्यमंत्री कोष): मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख और घायलों को ₹50,000।
- NHPC प्रशासन: प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹5 लाख का एकमुश्त अनुग्रह अनुदान।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: लापरवाही पाई गई तो होगी सख्त कार्रवाई
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति की समीक्षा करते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि निर्माण कंपनी या किसी संस्था की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे।फिलहाल, नामची जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा अंतिम 3 मजदूरों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों की मदद से बचाव अभियान जारी है।