नई दिल्ली। फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो का छठा और संभवतः आखिरी फीफा वर्ल्ड कप बेहद भावुक अंदाज़ में समाप्त हुआ। राउंड ऑफ 16 में स्पेन के खिलाफ मिली हार के साथ पुर्तगाल का विश्व कप अभियान खत्म हो गया और करोड़ों प्रशंसकों का सपना भी अधूरा रह गया। मैच समाप्त होने के बाद रोनाल्डो की आंखों में निराशा साफ दिखाई दी, लेकिन उन्होंने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया कि वह अभी संन्यास का फैसला जल्दबाजी में नहीं करेंगे। अंतिम सीटी बजते ही रोनाल्डो बेहद भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू थे और करोड़ों फैंस भी इस पल को देखकर भावुक हो गए।
आखिरी मिनट में टूटा पुर्तगाल का सपना
राउंड ऑफ 16 के इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मुकाबला अंतिम क्षणों तक बराबरी का रहा, लेकिन 91वें मिनट में स्पेन के मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल दागकर मैच का रुख बदल दिया। इसके बाद स्टॉपेज टाइम में पुर्तगाल को फ्री-किक के रूप में आखिरी मौका मिला, लेकिन टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी और इसी के साथ विश्व कप जीतने का उसका सपना टूट गया।
हार के बाद छलका रोनाल्डो का दर्द
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में रोनाल्डो ने हार का दर्द खुलकर बयां किया। उन्होंने कहा, “इस तरह वर्ल्ड कप से बाहर होना बेहद दुखद है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की और अब मैं साफ मन से जा रहा हूं। हां, यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन अब मुझे अपने परिवार के साथ समय बिताने और भविष्य के बारे में सोचने का मौका मिलेगा। मैं कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि वह भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने वालों में नहीं हैं। “मैं जोश में आकर फैसले नहीं करता। हर बड़े फैसले के लिए समय चाहिए और मैं भी अपने भविष्य को लेकर सोच-समझकर ही निर्णय लूंगा।”*
क्या इंटरनेशनल फुटबॉल से लेंगे संन्यास?
रोनाल्डो के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि भले ही उनका विश्व कप सफर समाप्त हो गया हो, लेकिन उन्होंने अभी पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा नहीं की है। उनका कहना है कि फिलहाल वह परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं और उसके बाद ही अपने अगले कदम पर विचार करेंगे।
पुर्तगाल के लिए बदली इतिहास की तस्वीर
अपने इंटरनेशनल करियर को याद करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि उनके आने से पहले पुर्तगाल ने कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीता था। उन्होंने गर्व के साथ कहा, “मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते हैं। मेरे आने से पहले राष्ट्रीय टीम ने एक भी ट्रॉफी नहीं जीती थी। 2016 की यूरोपियन चैंपियनशिप मेरे लिए वर्ल्ड कप जीतने जितनी ही महत्वपूर्ण है।” रोनाल्डो की कप्तानी और नेतृत्व में पुर्तगाल ने ”यूरो 2016 ” का ऐतिहासिक खिताब जीता, जिसके बाद टीम ने दो बार ”यूईएफए नेशंस लीग” भी अपने नाम की। यही उपलब्धियां उन्हें अपने करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल लगती हैं।
रॉबर्टो मार्टिनेज को कहा धन्यवाद
विश्व कप से बाहर होने के साथ ही पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने भी अपने पद से विदाई की पुष्टि कर दी। इस मौके पर रोनाल्डो ने उनके योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “मुझे उनके साथ काम करना बहुत पसंद आया। वह शानदार मैनेजर होने के साथ-साथ बेहतरीन इंसान भी हैं। उन्होंने पुर्तगाल के लिए जो कुछ किया, वह तारीफ के काबिल है। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।”
‘टीम सही दिशा में बढ़ रही थी’
रोनाल्डो का मानना है कि हार के बावजूद पुर्तगाल ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और टीम अपनी लय हासिल कर चुकी थी। उन्होंने कहा, “किसी बड़े टूर्नामेंट से बाहर होना हमेशा दुख देता है। यह विश्व कप था और हमारी टीम लगातार बेहतर खेल रही थी। मेरी नजर में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। परिणाम कुछ भी हो सकता था, लेकिन फुटबॉल ऐसा ही खेल है। अब हमें इस हार से उबरकर आगे बढ़ना होगा।”
अधूरा रह गया सबसे बड़ा सपना
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के शानदार करियर में क्लब स्तर पर लगभग हर बड़ी ट्रॉफी शामिल है, लेकिन फीफा विश्व कप जीतने का सपना आखिर तक अधूरा रह गया। छठे विश्व कप में भी वह अपनी टीम को खिताब तक नहीं पहुंचा सके। इसके बावजूद उन्होंने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का फैसला वह जल्दबाजी में नहीं करेंगे। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि फुटबॉल के इस महान सितारे का अगला कदम क्या होगा।