नई दिल्ली। केंद्र सरकार जल्द ही अपने मंत्रिपरिषद में बड़ा फेरबदल कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार और पुनर्गठन कर सकते हैं। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह पहला संभावित कैबिनेट विस्तार होगा, जिसे लेकर कई बड़े नामों की चर्चा जोरों पर है।
इन चर्चाओं में सबसे प्रमुख नाम मेरठ से भाजपा सांसद और लोकप्रिय टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल का है। इसके अलावा पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास और महाराष्ट्र के सांसद श्रीकांत शिंदे के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताए जा रहे हैं।
राम मंदिर विवाद के बीच बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
अरुण गोविल के संभावित मंत्री बनने की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सुर्खियों में है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार और मंदिर प्रबंधन को घेर रहा है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गोविल को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो उनकी साफ-सुथरी छवि और भगवान श्रीराम के रूप में उनकी लोकप्रिय पहचान भाजपा के लिए राजनीतिक तौर पर फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
चुनावी राज्यों पर भी नजर
अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा इन राज्यों में अपनी राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। अरुण गोविल का राजनीतिक सफर भले ही हाल ही में शुरू हुआ हो, लेकिन हिंदी भाषी राज्यों में उनकी लोकप्रियता उन्हें पार्टी के लिए एक प्रभावी प्रचारक बना सकती है।
किन नेताओं की हो सकती है एंट्री और किसकी छुट्टी?
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व RBI गवर्नर और प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव शक्तिकांत दास को सरकार में अहम आर्थिक जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं महाराष्ट्र की राजनीति को ध्यान में रखते हुए श्रीकांत शिंदे को भी कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा अनुराग ठाकुर की दोबारा मंत्रिमंडल में वापसी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
दूसरी ओर, कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदलने या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि इन सभी दावों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज
अयोध्या के राम मंदिर में दान और आभूषणों की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया। जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज में कुछ आरोपी कथित तौर पर नकदी और जेवरात ले जाते हुए दिखाई दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि अब तक सात आरोपियों की निशानदेही पर करीब 79.84 लाख रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। मामले में टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा और रमा शंकर मिश्र सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं। वहीं आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, हालांकि उसके पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई थी और ड्यूटी समाप्त होने के बाद उनकी नियमित तलाशी नहीं ली जाती थी। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।