डेस्क। बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने हाल ही में 5 जुलाई को अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट से शादी की। यह उनकी तीसरी शादी है। शादी के बाद कुछ राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इस रिश्ते को लेकर सवाल उठाए और इसे “लव जिहाद” से जोड़ते हुए विरोध जताया। मंगलवार को मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने आमिर और गौरी की शादी पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया। अब इस पूरे विवाद पर आमिर खान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
‘हमारे परिवार में धर्म नहीं, रिश्तों की अहमियत है’
रेडिफ को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा कि उनके परिवार में अलग-अलग धर्मों में कई शादियां हुई हैं, लेकिन कभी किसी पर धर्म बदलने का दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि हमारा परिवार बेहद खुला और सबको अपनाने वाला है। मेरी दोनों बहनों की शादी हिंदू परिवार में हुई है। मेरी बेटी ने भी एक हिंदू युवक से शादी की है। मेरे कजिन मंसूर की पत्नी क्रिश्चियन हैं। हमारे यहां रिश्ते धर्म से नहीं, आपसी सम्मान और प्यार से बनते हैं।”
धर्म परिवर्तन पर दिया साफ जवाब
आमिर खान ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि उनकी किसी भी पत्नी ने शादी के बाद अपना धर्म नहीं बदला। उन्होंने बताया, “न गौरी स्प्रैट, न किरण राव और न ही रीना दत्ता ने अपना धर्म बदला, क्योंकि हमारी सभी शादियां सिविल मैरिज थीं। गौरी हिंदू नहीं, बल्कि क्रिश्चियन हैं और वह भी प्रैक्टिस करने वाली क्रिश्चियन नहीं हैं। जिंदगी समय के साथ और भी दिलचस्प होती जा रही है।”
बयान के बाद तेज हुई बहस
आमिर खान के इस बयान के बाद एक बार फिर अंतरधार्मिक विवाह, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। अभिनेता ने अपने जवाब में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनके परिवार की सोच हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करने और व्यक्तिगत पसंद को प्राथमिकता देने की रही है।