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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव : होर्मुज स्ट्रेट बंद, अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का नया दौर शुरू, यूएई , बहरीन, जॉर्डन दहले

नई दिल्ली। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा कथित तौर पर एक जहाज पर हमला किए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान. . .

नई दिल्ली। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा कथित तौर पर एक जहाज पर हमला किए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। दोनों देश एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं।

अमेरिका का ईरान पर तीसरा हवाई हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शनिवार शाम ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। यह एक सप्ताह के भीतर अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जास्क, चाबहार और केशम द्वीप के आसपास विस्फोटों की सूचना मिली। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया के लिए अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल के समुद्री व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग पर व्यापक असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव कई देशों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

जहाज पर हमले का दावा

CENTCOM के मुताबिक, IRGC ने कथित तौर पर साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V G-Flex Galaxy पर हमला किया। दावा किया गया कि हमले में जहाज में आग लग गई, उसका इंजन बंद हो गया और एक क्रू सदस्य लापता है। अमेरिकी पक्ष ने इसे अंतरिम समझौते के उल्लंघन के रूप में पेश करते हुए आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।

दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी

ताजा घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के नेताओं की ओर से कड़े बयान सामने आए हैं। ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी, जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यदि ईरान समझौते का पालन नहीं करता है तो उसे इसके परिणाम झेलने होंगे।

खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार का दावा

अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं और कई देशों ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

कतर में हाई अलर्ट, लोगों से घरों में रहने की अपील

बढ़ते सुरक्षा संकट के बीच कतर के आंतरिक मंत्रालय ने दोहा समेत पूरे देश में नागरिकों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया। लोगों से बिना अत्यंत आवश्यक कारण घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। मंत्रालय ने कहा कि देश में सुरक्षा खतरे का स्तर फिलहाल काफी ऊंचा है।

वैश्विक असर की आशंका

यदि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की आपूर्ति, वैश्विक व्यापार, शिपिंग लागत और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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