नई दिल्ली : कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार के एक अहम फैसले के बाद कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली 137 दवाओं की कीमतों में भारी कमी होने जा रही है। नई दरें 9 नवंबर से लागू होंगी। इस फैसले के तहत कुछ दवाओं के दाम में 96.45 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। सरकार का अनुमान है कि इससे देशभर के मरीजों को हर साल करीब 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर की दवाओं पर व्यापार मार्जिन की अधिकतम सीमा निर्धारित की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है। बताया गया है कि लगभग 600 ब्रांड की दवाओं के दाम में 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी देखने को मिलेगी।
9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें
सरकार के इस फैसले के तहत दवा कंपनियों और विक्रेताओं को संशोधित कीमतों का पालन करना होगा। मेडिकल स्टोर, दवा वितरकों और अस्पतालों को अपनी दुकानों, परिसरों और आधिकारिक वेबसाइटों पर नई मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा, राज्य औषधि नियंत्रकों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि निर्धारित कीमतों का उल्लंघन न हो और मरीजों को दवाएं नई दरों पर उपलब्ध कराई जाएं।
1,031 फॉर्मूलेशन की कीमतों में हुई कमी
मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, अब तक 76 दवा कंपनियों ने 121 दवाओं के कुल 1,225 फॉर्मूलेशन की नई अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जमा कराई हैं। इनमें से 1,031 फॉर्मूलेशन के दाम घटाए गए हैं। खास बात यह है कि करीब 600 ब्रांड की कीमतों में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दवाओं पर यह कटौती 96.45 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत गठित विशेषज्ञ समिति की 17 अक्टूबर को दी गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इसके अलावा, भारत में अभी उपलब्ध नहीं कराई गईं लगभग 10 से 15 चिह्नित दवाओं के बाजार में आने पर भी व्यापार मार्जिन नियंत्रण के नियम लागू होंगे।
इन कैंसर की दवाओं के दाम में आई बड़ी गिरावट
नई मूल्य व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की गई है। इनमें कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:
1. पैल्बोसिक्लिब (Palbociclib 125 mg)
स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली RPG लाइफ साइंसेज की दवा ‘पैल्बोप्रो’ की कीमत में बड़ी कटौती की गई है। पहले इसकी कीमत 40,421.33 रुपये थी, जो अब घटकर 2,720 रुपये रह गई है।
2. एबिराटेरोन एसीटेट (Abiraterone Acetate 250 mg)
प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली अरविंकेयर फार्मा की दवा ‘एबिरोन’ की कीमत 41,250 रुपये से कम होकर 3,218.23 रुपये हो गई है।
3. बेवासिजुमैब (Bevacizumab 100 mg)
जाइडस लाइफसाइंसेज के इंजेक्शन ‘ब्रिक्स्टा’ का इस्तेमाल फेफड़ों और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के उपचार में किया जाता है। इसकी कीमत अब 25,995 रुपये के बजाय 3,318 रुपये होगी।
4. डेनोसुमैब (Denosumab 60 mg)
रिलायंस लाइफ साइंसेज की दवा ‘डेनऑस्टियोरेल’ की कीमत में भी कमी की गई है। पहले इसकी कीमत 24,955 रुपये थी, जिसे घटाकर 6,240 रुपये कर दिया गया है।
5. पर्टुजुमैब (Pertuzumab 420 mg)
स्तन कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाले लुपिन लिमिटेड के इंजेक्शन ‘लूपीहर 2’ की कीमत भी कम हुई है। अब यह दवा 83,520 रुपये के बजाय 37,358.30 रुपये में उपलब्ध होगी।
कैंसर मरीजों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
कैंसर का इलाज अक्सर लंबे समय तक चलता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर मरीजों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में कमी आने से इलाज का कुल खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए महंगी दवाओं का खर्च उठाना मुश्किल होता है। सरकार की इस पहल से कैंसर की जरूरी दवाओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हालांकि, मरीजों को दवा खरीदने से पहले उसका नया अधिकतम खुदरा मूल्य और निर्धारित फॉर्मूलेशन जरूर जांच लेना चाहिए।
महत्वपूर्ण सूचना: दवाओं की कीमतों में कटौती का लाभ लेने के लिए खरीदारी के समय संशोधित MRP की जांच करें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी कैंसर की दवा को बदलें या उसका सेवन बंद न करें।