Home » वायरल न्यूज़ » Odisha Fire Accident: नरक चतुर्दशी की रात घर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 4 लोगों की जलकर मौत; दो मासूम भी शामिल

Odisha Fire Accident: नरक चतुर्दशी की रात घर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 4 लोगों की जलकर मौत; दो मासूम भी शामिल

ओडिशा के जाजपुर जिले में नरक चतुर्दशी की रात दर्दनाक हादसा हो गया। एक घर में अचानक आग लगने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो छोटे बच्चे शामिल. . .

जाजपुर (ओडिशा): ओडिशा के जाजपुर जिले में नरक चतुर्दशी की रात दर्दनाक हादसा हो गया। एक घर में अचानक आग लगने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें एक मासूम की उम्र महज आठ महीने बताई जा रही है। हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से झुलस गया है।यह घटना शनिवार रात करीब 8:30 बजे जाजपुर जिले के बालिचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नालिपुर गांव में हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि एस्बेस्टस की छत वाला मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

खाना बनाते समय घर में लगी आग

पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे के समय घर में एलपीजी गैस पर खाना बनाया जा रहा था। मकान मालिक निजामुद्दीन की बहू ताबस्सुम (42) और उनकी बेटी गुलापसा बीबी (27) परिवार के लिए भोजन तैयार कर रही थीं। गुलापसा अपने मायके आई हुई थीं। उनके दोनों बच्चे भी उस समय घर में मौजूद थे। इसी दौरान किसी कारण से घर में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग के बीच फंसे परिवार के सदस्य बाहर नहीं निकल सके और इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों में 8 महीने का मासूम भी शामिल

इस अग्निकांड में जान गंवाने वालों की पहचान ताबस्सुम (42), गुलापसा बीबी (27), उनकी 10 वर्षीय बेटी और आठ महीने के बेटे के रूप में हुई है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे में निजामुद्दीन के परिवार का 22 वर्षीय एक युवक भी गंभीर रूप से झुलस गया। पहले उसे बरचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घर में आने-जाने के लिए था सिर्फ एक दरवाजा

घटना की सूचना मिलते ही चंडिखोल दमकल केंद्र की टीम और बालिचंद्रपुर थाने के पुलिसकर्मी गांव पहुंचे। इसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

चंडिखोल फायर स्टेशन के अधिकारी संतोष कुमार स्वाईं ने हादसे में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है।अधिकारी के अनुसार, घर में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए केवल एक ही दरवाजा था। आग फैलने के बाद परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया। माना जा रहा है कि घर में निकास का दूसरा रास्ता नहीं होने के कारण हादसा और अधिक भयावह हो गया।फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग एलपीजी गैस से जुड़ी किसी गड़बड़ी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम