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UNGA 2026 में पाकिस्तान को भारत का दो टूक जवाब: जयशंकर ने कहा- आतंकवाद के नाम पर बचने की कोशिश नहीं चलेगी

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर आतंकवाद को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से............. . .

शहबाज शरीफ के आरोपों पर जयशंकर का पलटवार, आत्मरक्षा के अधिकार पर भारत का रुख साफ

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर आतंकवाद को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव का मुद्दा उठाए जाने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को दोहराया।

‘आतंकवाद को सामान्य बताने की कोशिश मंजूर नहीं’

जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने वाला कोई पक्ष यदि उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क पेश करता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को स्पष्ट किया। जयशंकर का संदेश ऐसे समय आया जब पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र के मंच पर मई 2025 के संघर्ष और भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर अपने दावे दोहराए गए थे।

शहबाज शरीफ ने UN में उठाया मई 2025 का मुद्दा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा के अधिकार से जोड़ते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया। शरीफ ने इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का भी उल्लेख किया और मई 2025 के टकराव के दौरान अमेरिकी हस्तक्षेप को महत्वपूर्ण बताया।

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‘भारत अपने बचाव का अधिकार इस्तेमाल करता रहेगा’

भारत का रुख स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को आत्मरक्षा के अधिकार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने या उसके परिणामों से बचने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर सीमा पार आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए चुनौती के रूप में उठाता रहा है।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था बड़ा सैन्य टकराव

मई 2025 का भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था। भारत ने इसके बाद 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा और 10 मई को संघर्षविराम प्रभावी हुआ। हालांकि, संघर्षविराम तक पहुंचने की प्रक्रिया को लेकर भारत और पाकिस्तान के दावों में अंतर रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, जबकि भारत ने कहा कि सैन्य स्तर पर दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क के बाद संघर्षविराम हुआ था।

UN में ‘राइट टू रिप्लाई’ से भी भारत का पलटवार

पाकिस्तान के बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल भी किया गया। भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े आरोपों और जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए दावों का जवाब दिया।संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौजूदा 81वें सत्र में ‘राइट टू रिप्लाई’ की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से उपलब्ध है और सदस्य देश दूसरे देशों के वक्तव्यों पर अपना जवाब दर्ज करा सकते हैं।

पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा सवाल, जयशंकर ने दिया तीखा जवाब

न्यूयॉर्क में UNGA से इतर एक बातचीत के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए जयशंकर से सवाल किया। रिपोर्टों के मुताबिक जयशंकर ने सवाल का तीखा जवाब देते हुए पूछा कि एक कथित ‘आतंकवादी देश’ उनसे यह सवाल क्यों कर रहा है। यह बातचीत सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा का विषय बनी।

भारत-पाकिस्तान के बीच फिर आमने-सामने आया आतंकवाद का मुद्दा

UNGA के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बयानों से एक बार फिर दोनों देशों के बीच आतंकवाद, आत्मरक्षा और मई 2025 के सैन्य टकराव को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

भारत की ओर से जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और आत्मरक्षा के अधिकार को रेखांकित किया, जबकि पाकिस्तान ने मई 2025 की घटनाओं को अपने दृष्टिकोण से पेश किया। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दोनों देशों की कूटनीतिक बयानबाजी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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