कोलकाता: धर्मतला में NEET कांड के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पत्रकारों के साथ मारपीट को लेकर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा में शामिल लोग छात्र नहीं, बल्कि अराजक तत्व हैं, जिनका उद्देश्य देश में अशांति फैलाना है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “ये लोग छात्र नहीं हैं, ये कट्टरपंथी और भारत को कमजोर करने वाली ताकतों से जुड़े लोग हैं। इनका मकसद सिर्फ अशांति फैलाना है।”
‘असली छात्र आंदोलन से इनका कोई संबंध नहीं’
रविवार को बयान देते हुए शुभेंदु ने कहा कि धर्मतला में तांडव करने वाले लोगों का वास्तविक छात्र आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ये लोग किसी बाहरी ताकत के समर्थन से काम करने वाले उग्र तत्व हो सकते हैं, जिसकी जांच जांच एजेंसियों को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वाले अपनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी उनकी गतिविधियां सामने आई हैं।
विदेशी ताकतों की साजिश का लगाया आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि देश में हाल के फैसलों से कुछ कट्टरपंथी समूह नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई, फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच, पुराने कानूनों का सख्ती से पालन और ध्वनि प्रदूषण रोकने जैसे कदमों के बाद कुछ समूहों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि इसी नाराजगी के चलते प्रधानमंत्री की तस्वीर का अपमान और राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ गतिविधियां देखने को मिलीं।
पत्रकारों पर हमले को लेकर भी उठाई आवाज
धर्मतला हिंसा के दौरान घायल हुए पत्रकारों के समर्थन में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया की सुरक्षा में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि वह घायल पत्रकारों का हाल जानने के लिए खुद एसएसकेएम (PG) अस्पताल पहुंचे थे। उनके मुताबिक, पत्रकारों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और मेडिकल जांच भी कराई गई।
14 आरोपी गिरफ्तार, कई थानों में दर्ज हुए मामले
धर्मतला के डोरिना क्रॉसिंग पर शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई थी। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की और कोलकाता सहित दक्षिण 24 परगना के अलग-अलग इलाकों से उन्हें पकड़ा। मामले में हेयर स्ट्रीट और एंटली थाने में कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं।
‘गुंडों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विधानसभा में दिए गए अपने बयान पर वह कायम हैं। उन्होंने कहा, “ये छात्र नहीं, ये गुंडे हैं। और गुंडों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने प्रशासन से हिंसा में शामिल सभी लोगों पर सख्त कदम उठाने की मांग की।