कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज, कटमनी और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के लिए चार समर्पित (Dedicated) टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की शुरुआत की है। इन नंबरों के जरिए राज्य का कोई भी नागरिक चौबीसों घंटे सीधे प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेगा।भवानी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन हेल्पलाइन नंबरों का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, रंगदारी, सिंडिकेट राज और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
24 घंटे दर्ज होगी शिकायत, सीधे पहुंचेगी शीर्ष प्रशासन तक
सरकार के अनुसार, नई हेल्पलाइन व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क होगी और सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे संचालित रहेगी। नागरिक किसी भी समय फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि हर शिकायत सीधे शीर्ष प्रशासन तक पहुंचेगी, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी डर या दबाव के शिकायत दर्ज कराने का अवसर उपलब्ध कराना और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करना है।
अलग-अलग अपराधों के लिए जारी किए गए चार टोल-फ्री नंबर
राज्य सरकार ने विभिन्न प्रकार की शिकायतों के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर निर्धारित किए हैं, ताकि शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण किया जा सके।
- कटमनी (घूसखोरी) की शिकायत: 155334
- सिंडिकेट अपराध (बालू, पत्थर, सीमेंट माफिया आदि): 155335
- सड़कों पर अवैध वसूली / अवैध टोल टैक्स: 155337
- अवैध शराब के कारोबार की शिकायत: 155339
सरकार का कहना है कि इन हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज प्रत्येक शिकायत की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज पर सरकार का सख्त रुख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, कटमनी और सिंडिकेट संस्कृति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आम जनता को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पिछले वर्षों में सिंडिकेट राज, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। साथ ही विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों में भी वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे उठाए गए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग में व्यापक सुधारों की भी घोषणा की।
1 लाख नई पुलिस भर्तियों का ऐलान
राज्य सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के उद्देश्य से 1 लाख नए पुलिसकर्मियों की भर्ती करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इससे पुलिस बल की क्षमता बढ़ेगी, कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगी बड़ी राहत
महिला पुलिसकर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घोषणा की है कि उन्हें यथासंभव उनके गृह जिले या घर के निकट ही तैनाती देने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिला कर्मियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी।
पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा आधुनिक
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों, संचार प्रणाली, तकनीकी संसाधनों और अन्य आवश्यक सुविधाओं को अत्याधुनिक बनाया जाएगा ताकि अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
सरकार का दावा—कानून का राज होगा सर्वोच्च
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य में कटमनी, रंगदारी, सिंडिकेट राज और अवैध कारोबार चलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और शिकायत मिलने पर त्वरित जांच तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मानना है कि नई हेल्पलाइन व्यवस्था, पुलिस बल के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से पश्चिम बंगाल में पारदर्शी शासन, बेहतर कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों का विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।