कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को लेकर शनिवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। भारी संख्या में पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इलाके को बैरिकेडिंग कर घेर लिया गया और कार्रवाई के लिए तीन बुलडोजर भी तैनात किए गए। प्रशासन का आरोप है कि पार्टी कार्यालय बिना आवश्यक अनुमति के अवैध रूप से बनाया गया था।
तीन बुलडोजर, पुलिस और केंद्रीय बल की तैनाती
सुबह से ही अमतला स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और केंद्रीय बलों ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीन बुलडोजर भी मौके पर पहुंच गए, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई। सावधानी के तौर पर दमकल विभाग की टीम को भी तैनात किया गया। पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
अवैध निर्माण का आरोप, पहले भेजा गया था नोटिस
जिला प्रशासन का कहना है कि संबंधित पार्टी कार्यालय के निर्माण के लिए भवन योजना (बिल्डिंग प्लान) की आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। इसी आधार पर इसे अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन के मुताबिक 15 जुलाई को इस मामले में दो सुनवाई नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद प्रशासनिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा भी हुई थी।
अधिकारियों ने संभाली मोर्चा
कार्रवाई के दौरान ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) और ब्लॉक लैंड एंड लैंड रिफॉर्म्स ऑफिसर (BLLRO) भी मौके पर मौजूद रहे। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
यातायात पर भी पड़ा असर
अमतला-बारुईपुर मुख्य सड़क पर स्थित इस पार्टी कार्यालय के आसपास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सड़क का बड़ा हिस्सा बंद कर दिया। केवल दो लेन से वाहनों की आवाजाही जारी रखी गई। जैसे-जैसे समय बीतता गया, मौके पर पुलिस बल की संख्या भी लगातार बढ़ती गई।
TMC के लिए अहम था यह कार्यालय
दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के लिए यह कार्यालय काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। बताया जाता है कि जिले में होने वाली पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों का संचालन अक्सर इसी कार्यालय से किया जाता था। अभिषेक बनर्जी भी कई बार यहीं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक रणनीति तैयार करते थे।
स्थानीय विधायक ने भी बताया अवैध निर्माण
क्षेत्र के विधायक ने भी दावा किया कि यह इमारत अवैध जमीन पर बनाई गई थी। उनके अनुसार प्रशासन पहले ही नोटिस जारी कर चुका था और भवन पर इसकी सूचना भी चस्पा की गई थी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, एसडीओ और बीडीओ सहित संबंधित अधिकारियों ने विचार-विमर्श के बाद इस इमारत को हटाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई पर सियासी चर्चा तेज
अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय पर प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर की जा रही है।