FIFA World Cup 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। फाइनल में अब अर्जेंटीना और स्पेन आमने-सामने होंगे। लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना लिए लियोनेल मेसी की टीम मैदान में उतरेगी। लेकिन ट्रॉफी के साथ-साथ एक और बड़ी जंग जारी है—गोल्डन बूट की रेस, जिसमें मेसी और किलियन एम्बाप्पे के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।
गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी सबसे आगे
सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में मेसी गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने दोनों गोल में शानदार असिस्ट देकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। गोलों की संख्या में मेसी और किलियन एम्बाप्पे फिलहाल बराबरी पर हैं, लेकिन असिस्ट के मामले में मेसी आगे निकल चुके हैं। इसी वजह से फिलहाल गोल्डन बूट की रेस में अर्जेंटीना के कप्तान शीर्ष स्थान पर हैं।
FIFA का नियम कैसे तय करेगा गोल्डन बूट विजेता?
अगर दो खिलाड़ियों के गोल बराबर होते हैं, तो FIFA के नियमों के अनुसार सबसे पहले असिस्ट की संख्या देखी जाती है। यदि असिस्ट भी बराबर हों, तो जिस खिलाड़ी ने कम मिनट मैदान पर बिताए हों, उसे वरीयता मिलती है। इसी नियम के चलते फिलहाल मेसी ने एम्बाप्पे को पीछे छोड़ दिया है और गोल्डन बूट जीतने की दौड़ में सबसे आगे हैं।
मेसी ने तोड़ दिया वर्ल्ड कप का बड़ा रिकॉर्ड
इंग्लैंड के खिलाफ दो असिस्ट करने के साथ ही मेसी ने विश्व कप इतिहास में नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
अब वह विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के दिग्गज थॉमस मुलर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। बड़े मुकाबलों में लगातार निर्णायक योगदान देकर मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दबाव की घड़ी में वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।
एम्बाप्पे के पास अभी भी है वापसी का मौका
फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और लगातार गोल दागकर गोल्डन बूट की रेस में बने हुए हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में स्पेन से हारने के बाद फ्रांस अब फाइनल से बाहर हो चुका है। एम्बाप्पे के पास अब सिर्फ तीसरे स्थान के मुकाबले में खेलने का मौका होगा। अगर वह इस मैच में गोल करते हैं और मेसी फाइनल में गोल नहीं कर पाते, तो गोल्डन बूट की तस्वीर बदल सकती है।
फाइनल पर टिकी दुनिया की नजरें
अब सभी की निगाहें अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फाइनल पर हैं। एक ओर मेसी के पास विश्व कप जीतने के साथ गोल्डन बूट अपने नाम करने का सुनहरा अवसर है, वहीं दूसरी ओर एम्बाप्पे आखिरी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर इस रोमांचक रेस का समीकरण बदलने की कोशिश करेंगे। ऐसे में गोल्डन बूट का फैसला टूर्नामेंट के अंतिम मुकाबलों के बाद ही होगा।