वॉशिगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ हुआ अस्थायी सीजफायर अब “खत्म” हो चुका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बातचीत जारी रह सकती है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में नए संघर्ष की आशंका गहरा गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र
अमेरिका-ईरान विवाद का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बन गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है। ईरान ने इस जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। तेहरान का कहना है कि वह यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल करेगा और अपने तय रास्ते से हटने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
ट्रंप बोले- “मेरे हिसाब से सीजफायर खत्म हो चुका है” नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका-ईरान युद्धविराम अभी भी लागू है, तो उन्होंने कहा:
“मेरे हिसाब से यह खत्म हो चुका है।”
उन्होंने कहा कि अगर बातचीत करने वाले लोग आगे चर्चा करना चाहते हैं तो वह उन्हें ऐसा करने देंगे, लेकिन उन्हें ईरान के रवैये पर भरोसा नहीं है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल देखने को मिली और तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर हमले तेज
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार केंद्र और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की कई छोटी नौकाएं शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।
ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। कुवैत की सेना और बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय की गईं, हालांकि नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
ईरान में कई जगह धमाके, सैन्य अधिकारी की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र के आसपास कई जगहों पर विस्फोट हुए।
रिपोर्टों के मुताबिक क़ेशम द्वीप पर कई धमाके हुए है, सिरिक शहर में विस्फोट की खबर है और बंदर अब्बास बंदरगाह क्षेत्र में भी धमाके हुए है। ईरान के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक सदस्य की मौत की भी जानकारी दी गई।
तेल प्रतिबंधों पर भी बढ़ा विवाद
ईरान ने अमेरिका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने तेल प्रतिबंधों को फिर से लागू करके समझौते की भावना को नुकसान पहुंचाया है।
मेरिका ने ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी छूट वापस ले ली है, जिससे तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
होर्मुज में जहाजों पर हमलों से बढ़ा संकट
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कई जहाजों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी कमांड ने जिन जहाजों का नाम बताया, उनमें अल रेकयात, वेडयान और साइप्रस प्रॉस्पेरिटी शामिल हैं। इनमें से कुछ जहाजों पर ड्रोन और अन्य हथियारों से हमला होने की बात कही गई है।
आगे क्या होगा? दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हालांकि ट्रंप ने बातचीत की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं किया है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू होगी या मध्य पूर्व एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा।