जयपुर।राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना भारत के ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। यह रिफाइनरी न सिर्फ ईंधन उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल सेक्टर को भी नई दिशा देगी, जिससे आने वाले समय में प्लास्टिक और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल का भी लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने अपने राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। यह टर्मिनल ‘उड़ान’ योजना के तहत लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।इससे मारवाड़ क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
“संकट के समय भारत ने सही फैसले लिए”: पीएम मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने अपनी रणनीति और नीतियों से स्थिति को नियंत्रण में रखा।
उन्होंने कहा: “भारत ने समय रहते सही फैसले लिए, संसाधनों का संतुलित उपयोग किया और कूटनीतिक संबंधों का सही इस्तेमाल किया, जिससे देश पर ऊर्जा संकट का बड़ा असर नहीं पड़ा।”
वैश्विक ऊर्जा संकट का भारत पर असर सीमित रखने का दावा
पीएम मोदी ने कहा कि कई देशों में ईंधन संकट और महंगाई बढ़ी, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में रही। उन्होंने बताया कि सरकार ने:
- ईंधन आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा
- एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जनता को राहत दी
- कंपनियों के घाटे को सरकारी सहायता से संभाला
उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल-जून के दौरान तेल कंपनियों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सरकार ने इसका बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया।
LPG और खाद संकट पर त्वरित फैसले
प्रधानमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान भारत ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि—
- कुछ ही दिनों में LPG उत्पादन बढ़ाया गया
- लाखों नए PNG कनेक्शन दिए गए
- यूरिया जैसे उर्वरकों को भारी सब्सिडी देकर किसानों को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया गया
उन्होंने दावा किया कि यदि ये कदम समय पर नहीं उठाए जाते तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन सरकार ने इसे नियंत्रित रखा।
54 हजार युवाओं को रोजगार और नियुक्ति पत्र
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान के 54 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों और औद्योगिक परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पचपदरा रिफाइनरी: तकनीकी और औद्योगिक उपलब्धियां
इस परियोजना के निर्माण में भारी स्तर पर इंजीनियरिंग कार्य हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार:
- लगभग 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई
- यह खुदाई गीज़ा पिरामिड से कई गुना अधिक मानी जा रही है
- परियोजना में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला
राजस्थान के औद्योगिक भविष्य की नई शुरुआत
पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन को राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे “नए भारत की क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक” बताया।यह परियोजना आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।