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बंगाल में स्मार्ट मीटर नियम- 1 अगस्त से सरकारी दफ्तरो मे लागू होगी नई बिजली व्यवस्था,आपको फायदा या नुकसान, जाने नए नियम के बारे में

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार बिजली की बर्बादी रोकने और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) ने राज्य के सरकारी कार्यालयों में. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार बिजली की बर्बादी रोकने और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) ने राज्य के सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत सरकारी विभागों को बिजली उपयोग के लिए पहले से रिचार्ज करना होगा, जिससे अनावश्यक खपत पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

1 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था

राज्य वित्त विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशो के अनुसार, पुरानी पोस्टपेड प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड सिस्टम में बदला जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 अगस्त से पूरे राज्य के सरकारी कार्यालयों और संबंधित संस्थानों मे लागू होगी। इस बदलाव के साथ बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया, बकाया राशि के निपटान और मीटर रिचार्ज करने के नियमों में भी कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए है।

बकाया बिजली बिल चुकाने के लिए दो विकल्प

वित्त विभाग ने सरकारी विभागों और संगठनों को लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए दो विकल्प उपलब्ध कराए है। पहले विकल्प के तहत विभाग WBSEDCL पोर्टल से सीधे बिल डाउनलोड कर एकमुश्त भुगतान कर सकते हैं। वहीं, यदि किसी विभाग के लिए एक साथ पूरी राशि चुकाना संभव नहीं है, तो उसे अधिकतम 300 दिनों तक किस्तों में भुगतान करने की सुविधा भी दी गई है।

नेगेटिव बैलेंस की भी मिलेगी सुविधा

सरकारी कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए नई व्यवस्था में विशेष सुरक्षा प्रावधान भी रखे गए हैं। यदि कार्यकाल के दौरान प्रीपेड मीटर का बैलेंस समाप्त हो जाता है, तब भी अधिकतम 300 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस उपलब्ध रहेगा। इस सुविधा के कारण बिजली आपूर्ति तुरंत बंद नहीं होगी और कार्यालय का कामकाज जारी रह सकेगा।

छुट्टियो मे नहीं कटेगा बिजली कनेक्शन

वित्त विभाग के निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कार्यालय के प्रीपेड खाते में बैलेंस नहीं है, तब भी सार्वजनिक अवकाश या निर्धारित कार्यालय समय के बाहर बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ओर बिजली की अनावश्यक खपत पर नियंत्रण लगेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में ऊर्जा उपयोग की निगरानी भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।

बिजली प्रबंधन मे डिजिटल बदलाव की ओर कदम

स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली को राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है। इससे बिजली उपयोग का वास्तविक समय में आकलन संभव होगा और सरकारी खर्चों पर भी बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।

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