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बड़ा खुलासा : कॉकरोच जनता पार्टी प्रोटेस्ट के पीछे विदेशी साजिश का एंगल? पाकिस्तान लिंक और फंडिंग की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर अब सुरक्षा एजेंसियां कई स्तरों पर जांच कर रही हैं। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सीजेपी समर्थकों ने संसद तक. . .

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर अब सुरक्षा एजेंसियां कई स्तरों पर जांच कर रही हैं। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सीजेपी समर्थकों ने संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। अब जांच एजेंसियां हिंसा, डिजिटल अभियान और कथित विदेशी कनेक्शन समेत कई पहलुओं की पड़ताल में जुटी हैं।

डिजिटल अभियान कैसे बना बड़े प्रदर्शन में?

सूत्रों के अनुसार, जांच का प्रमुख फोकस इस बात पर है कि आखिर कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ अभियान बड़े विरोध प्रदर्शन में कैसे तब्दील हो गया और बाद में हिंसक घटनाओं तक कैसे पहुंचा। एजेंसियां सोशल मीडिया पर सक्रिय उन अकाउंट्स और डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही हैं, जिनके जरिए प्रदर्शन को व्यापक स्तर पर प्रचार मिला।

पाकिस्तान लिंक की भी हो रही जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल सामने आए हैं, जिनके संभावित पाकिस्तान लिंक की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। बताया जा रहा है कि इन अकाउंट्स के जरिए प्रदर्शन के दौरान कथित मौतों, बड़ी संख्या में घायलों और गिरफ्तारियों से जुड़े भ्रामक दावे सोशल मीडिया पर साझा किए गए। सुरक्षा एजेंसियां इन दावों की सत्यता और इनके स्रोतों का पता लगाने में जुटी हैं।

सोशल मीडिया अकाउंट्स और फंडिंग पर नजर

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के प्रचार-प्रसार के लिए इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का व्यापक इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान कुछ ऐसे नए सोशल मीडिया पेज भी एजेंसियों के रडार पर आए हैं, जिन्होंने बेहद कम समय में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हासिल कर लिए। इसी वजह से संबंधित अकाउंट्स, उनके आईपी एड्रेस, डिजिटल गतिविधियों और संभावित फंडिंग के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।

AI टूल्स के इस्तेमाल की भी पड़ताल

जांच में यह भी सामने आया है कि आंदोलन से जुड़े घोषणापत्र, पोस्टर, वेबसाइट और अन्य प्रचार सामग्री तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन तकनीकों का उपयोग केवल प्रचार सामग्री तैयार करने तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित डिजिटल रणनीति भी काम कर रही थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

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