नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन 34वें दिन भी जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस के कथित लाठीचार्ज को “क्रूर कार्रवाई” बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ अदालत जाने की बात कही। वहीं, सोनम वांगचुक के लंबे अनशन को लेकर उन्होंने गहरी चिंता भी जताई है।
लाठीचार्ज पर सख्त रुख, कोर्ट जाने की तैयारी
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
वांगचुक के अनशन ने बढ़ाई चिंता
दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है और उनकी सेहत को लेकर आंदोलन से जुड़े सभी लोग चिंतित हैं। उन्होंने अपील की कि वांगचुक अपनी जान जोखिम में न डालें और अनशन समाप्त करने पर विचार करें। उनका कहना था कि आंदोलन चलता रहेगा, लेकिन किसी की जान की कीमत पर नहीं।
‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’
दिपके ने दोहराया कि आंदोलन अपने 34वें दिन में पहुंच चुका है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का संकल्प पहले से अधिक मजबूत है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनके अनुसार यह केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक आवाज की लड़ाई है।
लाठीचार्ज के अगले दिन समर्थकों से मांगी माफी
प्रदर्शन के अगले दिन अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा कर समर्थकों से माफी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का जिक्र किया, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान चोटें आईं। दिपके ने लिखा कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर प्रयास किए जा सकते थे। “हम इससे बेहतर कर सकते थे। मैं आपको दिल्ली पुलिस की अमानवीय कार्रवाई से बचाने के लिए और बेहतर प्रयास कर सकता था।”
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
अपनी पोस्ट में दिपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग करने को तैयार थी। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
घायलों से सीधे संपर्क करने की अपील
दिपके ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी लोगों से सीधे संदेश भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से उनसे मुलाकात करेंगे और हर संभव सहायता देने का प्रयास करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ था?
बीते दिनों जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस झड़प के दौरान उसके 118 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए।