सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील और आसपास के गांवों में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला सामने आया है। अब तक 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 24 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर शराब का सेवन करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कराई गई है।
कई गांवों में अचानक बिगड़ी लोगों की तबीयत
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात घूघर, नौराज, गूगरा खुर्द, बराज और आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन गंभीर हालत में उन्हें बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया। इलाज के लिए पहुंचे कुछ मरीजों में शरीर नीला पड़ने और अकड़न जैसी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का उपचार जारी है।
प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग
घटना के बाद रविवार सुबह से स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचीं। टीमों ने उन लोगों की पहचान और स्क्रीनिंग शुरू की, जिन्होंने हाल के दिनों में शराब का सेवन किया था। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्होंने पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान किसी भी तरह की शराब पी है, तो लक्षण नहीं होने पर भी स्वास्थ्य जांच करा लें। प्रशासन ने लोगों को उल्टी, सिरदर्द, बुखार, कमजोरी या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है। ऐसे लक्षण सामने आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।
ग्रामीण का दावा- साथ शराब पीने के बाद तेजी से बिगड़ी हालत
बमुराबेड़ा गांव के रामकुमार दांगी ने बताया कि उनके गांव में भी चार लोगों की मौत हुई है। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने एक साथ शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। ग्रामीण के मुताबिक, कुछ लोगों के शरीर में अचानक ठंडापन और कमजोरी जैसी स्थिति दिखाई दी और हालत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि, शराब से मौत होने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
छह शराब दुकानें सील, सैंपल जांच के लिए भेजने के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में कार्रवाई तेज कर दी है। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने नौराज और गूगरा खुर्द समेत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार की जानकारी ली। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील किया गया है। अधिकारियों ने शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन की टीमें शराब की बिक्री और आपूर्ति से जुड़े संभावित स्रोतों की भी जांच कर रही हैं।
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों और कुछ शराब ठेकेदारों का दावा है कि इलाके में नकली और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल की एक बैठक में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों की ओर से अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
मृतकों में इन गांवों के लोग शामिल
पुलिस के अनुसार, मृतकों में गोलू उर्फ चमन लोधी (45), दिग्विजय लोधी (28), करतार सिंह लोधी (30), उजियार सिंह लोधी (56), रोशन लोधी (30), राजेंद्र लोधी (32), हरनाम राय (42), उत्तम नत्थू नायक (42), सुमेर सिंह दांगी (47), राजकुमार लोधी (47) और सुरेंद्र अहिरवार (35) शामिल हैं।इनमें मृतक अलग-अलग गांवों के रहने वाले बताए गए हैं, जिनमें गूगरा खुर्द, नौराज, पाटन, चौका, दलपतपुर, बमूरा और लिधौरा आदि शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गोलू उर्फ चमन लोधी को पहले से कैंसर की शिकायत होने की जानकारी भी सामने आई है। मौतों के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।
गंभीर मरीजों को बीएमसी सागर भेजा गया
गंभीर हालत में कई मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर रेफर किया गया है। इनमें हरनाम राय (42), उत्तम नत्थू नायक (42), मंगल रजक (40), परम आदिवासी, धनसिंह आदिवासी (30), चंद्रभान लोधी (48), अजय लोधी (30), विनोद (50) और राघवेंद्र लोधी (32) शामिल बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शराब सेवन के बाद किसी भी तरह की असामान्य तबीयत महसूस होने पर घर पर इंतजार न करें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
हादसे के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को आशंका है कि स्क्रीनिंग के दौरान और लोग सामने आ सकते हैं। फिलहाल मृतकों और बीमार लोगों की संख्या की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का मुख्य फोकस गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने, प्रभावित लोगों की पहचान करने और कथित अवैध शराब के स्रोत का पता लगाने पर है। घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों के संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।