सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव को मजबूत करने वाले सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने उनका आशीर्वाद लिया।
सिलीगुड़ी के डाबग्राम के रहने वाले है माखनलाल सरकार
सिलीगुड़ी के डाबग्राम निवासी 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को उनकी आजीवन राजनीतिक एवं संगठनात्मक सेवाओं के लिए कोलकाता में प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले सरकार उत्तर बंगाल में भाजपा की नींव मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं।
1981 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्वकाल में दार्जिलिंग जिला भाजपा कमेटी का गठन किया
उन्हें 1953 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जाते समय गिरफ्तार किया गया था। माखनलाल सरकार ने पहले जनसंघ से जुड़कर राष्ट्रवादी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद पार्टी के साथ जुड़े रहे। वर्ष 1981 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्वकाल के दौरान उन्होंने दार्जिलिंग जिला भाजपा कमेटी का गठन किया और उसके पहले अध्यक्ष बने।
भाजपा की संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यवसायी होने के बावजूद उन्होंने खालपाड़ा, खोरीबाड़ी सहित सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के विभिन्न इलाकों में व्यापारियों और आम लोगों के बीच भाजपा की संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया जाता है कि पार्टी विस्तार की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने पहले ही वर्ष में लगभग 10 हजार सदस्यों को भाजपा से जोड़ा था।
माखनलाल सरकार का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी सहयोगियों में भी लिया जाता है। वर्ष 1952 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान वह डॉ. मुखर्जी के साथ गए थे, जहां उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। 1950 के दशक में उन्होंने कई राष्ट्रवादी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
शभक्ति गीत गाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए
परिवार के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा देशभक्ति गीत गाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने पर उन्होंने अदालत में माफी मांगने से भी इनकार कर दिया था। उनके बड़े पुत्र माणिक सरकार ने कहा, “मेरे पिता आरएसएस के शुरुआती दिनों से ही भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। उत्तर बंगाल में भाजपा का आधार बनने के बाद भी वह लगातार कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते रहे। वर्षों से कई वरिष्ठ भाजपा नेता उनसे मिलने आते रहे हैं। आज प्रधानमंत्री द्वारा उनका सम्मान किया जाना हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।”
राष्ट्रवादी आंदोलन और कश्मीर यात्रा
माखनलाल सरकार स्वतंत्रता के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती और प्रमुख जमीनी नेताओं में से एक रहे हैं। राष्ट्रवाद के प्रति उनका समर्पण दशकों पुराना है।
वर्ष 1952 में जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन चलाया था, तब माखनलाल उनके साथ इस अभियान में शामिल थे। इसी आंदोलन के दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था।
भाजपा के संगठन विस्तार में अहम भूमिका
वर्ष 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आधिकारिक रूप से गठन हुआ, तब उन्होंने पश्चिम बंगाल में संगठन को खड़ा करने का जिम्मा उठाया। उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के लिए संगठनात्मक समन्वयक (ऑर्गेनाइजेशनल कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व और संगठन कौशल का प्रभाव ऐसा था कि केवल एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने पार्टी में लगभग 10,000 नए सदस्यों को जोड़ लिया था।
असाधारण संगठनात्मक रिकॉर्ड: लगातार सात साल तक रहे जिलाध्यक्ष
माखनलाल सरकार का राजनीतिक सफर पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यकुशलता का प्रमाण है। वर्ष 1981 से, उन्होंने लगातार सात वर्षों तक जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। यह उस दौर की एक असाधारण और दुर्लभ उपलब्धि थी, क्योंकि उस समय आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से अधिक समय तक नहीं रह सकते थे।
माखनलाल सरकार का 98 वर्ष की आयु तक का यह सफर पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में भाजपा के शुरुआती विस्तार का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। मंच पर प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें दिया गया सम्मान इस बात को पुष्ट करता है कि दशकों तक संगठन को सींचने वाले इन पुराने सिपाहियों को पार्टी के सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा आज भी याद रखा जाता है।