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हथनीकुंड बैराज हादसा: 14 घंटे बाद भी 2 कमांडो लापता, सेना-NDRF-SDRF ने झोंकी ताकत; हेलिकॉप्टर से रातभर चला सर्च ऑपरेशन

यमुनानगर। हरियाणा-हिमाचल सीमा के पास हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की ट्रेनिंग के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान सेना की एक मोटर बोट तेज बहाव के बीच बैराज के डेंजर जोन में पहुंचकर. . .

यमुनानगर। हरियाणा-हिमाचल सीमा के पास हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की ट्रेनिंग के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान सेना की एक मोटर बोट तेज बहाव के बीच बैराज के डेंजर जोन में पहुंचकर पलट गई और यमुना नदी में डूब गई। नाव में सवार दो कमांडो के लापता होने की आशंका है। हादसे के बाद से सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तर प्रदेश से पहुंची पीएसी की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। बुधवार सुबह तक करीब 14 घंटे की तलाश के बावजूद दोनों कमांडो का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वन पैरा स्पेशल फोर्स/पैराट्रूप यूनिट के जवान हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में ट्रेनिंग कर रहे थे। इसी दौरान मोटर बोट बैराज के उस हिस्से में पहुंच गई, जहां पानी का बहाव काफी तेज था। तेज धार और पानी के दबाव के कारण मोटर बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटकर नदी में डूब गई। हादसे के समय बोट में पांच कमांडो सवार बताए जा रहे हैं।

तीन कमांडो तैरकर सुरक्षित निकले

मोटर बोट पलटने के बाद तीन कमांडो किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहे। जानकारी के मुताबिक उन्होंने करीब 600 मीटर तक तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंच बनाई। हादसे के बाद दूसरी मोटर बोट में मौजूद जवान भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि, बोट में सवार दो कमांडो का कोई पता नहीं चल सका।

14 घंटे से जारी है तलाश

दोनों लापता कमांडो की तलाश हादसे के तुरंत बाद शुरू कर दी गई थी। सेना के जवानों के साथ NDRF, SDRF और उत्तर प्रदेश से आई PAC की टीमें भी अभियान में जुटी हैं।

बचाव दल बैराज के गेट, पश्चिमी यमुना नहर और पानी के बहाव वाले हिस्सों में लगातार तलाशी ले रहे हैं। नहर के किनारों पर भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

हेलिकॉप्टर से रातभर हुई निगरानी

लापता कमांडो की तलाश के लिए दो हेलिकॉप्टर भी लगाए गए। हेलिकॉप्टरों ने रातभर पश्चिमी यमुना नहर और बैराज के आसपास हवाई निगरानी की।अंधेरा होने के बावजूद बचाव दलों ने करीब रात 2 बजे तक नदी और नहर के आसपास तलाशी अभियान जारी रखा। बुधवार सुबह भी हेलिकॉप्टर से पानी के बहाव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।

बैराज के गेट के आसपास विशेष निगरानी

बैराज के गेट के आसपास पानी का तेज खिंचाव रहता है। ऐसे में बचाव दलों को आशंका है कि यदि दोनों कमांडो पानी के तेज बहाव में आगे चले गए होंगे तो वे पश्चिमी यमुना नहर की ओर भी बह सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए नहर के उन हिस्सों में भी तलाश तेज कर दी गई है, जहां पानी का बहाव आगे की ओर जाता है।

लापता कमांडो महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर के बताए जा रहे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लापता दो कमांडो में से एक महाराष्ट्र और दूसरा जम्मू-कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है।छछरौली के एसडीएम जसपाल गिल ने मंगलवार को दो कमांडो के लापता होने की जानकारी की पुष्टि की थी। हालांकि, सेना की ओर से अभी तक दोनों जवानों के लापता होने को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

हादसे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं

प्रारंभिक तौर पर मोटर बोट के तेज बहाव वाले डेंजर जोन में पहुंचने और पलटने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसा वास्तव में किन परिस्थितियों में हुआ और बोट डेंजर जोन में कैसे पहुंची, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रतापनगर पुलिस ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है।

सर्च ऑपरेशन पर टिकी नजर

हादसे को 14 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन दोनों लापता कमांडो का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सेना और विभिन्न बचाव एजेंसियों की टीमें बैराज, पश्चिमी यमुना नहर और आसपास के इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।\ फिलहाल प्राथमिकता दोनों कमांडो का पता लगाने की है। पानी के तेज बहाव और बैराज क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों के बीच बचाव दलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

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