नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करने जा रही है। करीब एक महीने तक चलने वाले इस अभियान का मकसद आम लोगों तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना और जनता से सीधा संवाद मजबूत करना है। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी से एक साथ जनसंपर्क यात्राएं निकाली जाएंगी। यात्रा से जुड़ी टीमें देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर केंद्र की मोदी सरकार और संबंधित राज्यों की भाजपा सरकारों की उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगी।
17 सितंबर से शुरू होगी यात्रा, 17 अक्टूबर को होगा समापन
भाजपा की योजना के मुताबिक दोनों यात्राओं की शुरुआत 17 सितंबर को वाराणसी और वडनगर से एक साथ होगी। एक यात्रा वाराणसी से शुरू होकर वडनगर पहुंचेगी, जबकि दूसरी वडनगर से निकलकर वाराणसी पहुंचेगी। दोनों यात्राएं करीब एक महीने तक चलेंगी और 17 अक्टूबर को अपने गंतव्य पर पहुंचकर पूरी होंगी। इस दौरान प्रत्येक यात्रा अपने-अपने रूट पर करीब 3,000 किलोमीटर का क्षेत्र कवर करेगी।
वाराणसी और वडनगर से रवाना होंगी 10-10 टीमें
अभियान के तहत वाराणसी से 10 टीमें और वडनगर से 10 टीमें रवाना की जाएंगी। प्रत्येक टीम में 10 से अधिक बाइक सवार कार्यकर्ता, बसें और अन्य भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे। यात्रा के दौरान कार्यकर्ता अलग-अलग क्षेत्रों में रुककर लोगों से संवाद करेंगे और केंद्र सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों के बारे में जानकारी साझा करेंगे।
रोजाना करीब 100 किलोमीटर का सफर
यात्रा में शामिल प्रत्येक टीम प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। निर्धारित रूट पर आगे बढ़ते हुए टीमें विभिन्न स्थानों पर रुकेंगी और वहां स्थानीय लोगों के साथ संवाद करेंगी। भाजपा का जोर इस दौरान केवल राजनीतिक संदेश देने पर नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करने पर भी रहेगा।
हर पड़ाव पर होंगे कम से कम चार कार्यक्रम
यात्रा के प्रत्येक प्रमुख पड़ाव पर कम से कम चार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार और संबंधित भाजपा शासित राज्यों की सरकारों के कामकाज और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की योजना है। कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर जनसंवाद और पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्रमुखता दी जाएगी।
यात्रा से बाहर के क्षेत्रों में भी चलेगा ‘सेवा संकल्प’ अभियान
भाजपा ने अभियान को केवल यात्रा के रूट तक सीमित नहीं रखने की तैयारी की है। जिन क्षेत्रों से ये यात्राएं नहीं गुजरेंगी, वहां ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए लोगों तक पहुंचने की योजना है। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता रैलियां, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच कैंप और अन्य सेवा गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इसका उद्देश्य सेवा कार्यों के जरिए जनता से जुड़ाव बढ़ाना और संगठन की सक्रियता को पूरे देश में विस्तार देना है।
वरिष्ठ नेताओं ने तैयार किया अभियान का खाका
‘सेवा संकल्प’ अभियान और जनसंपर्क यात्राओं की रणनीति को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने व्यापक चर्चा की है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, महासचिव स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में अभियान की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।
पूर्व से पश्चिम तक जनसंपर्क बढ़ाने की रणनीति
भाजपा का यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू होकर करीब एक महीने तक चलेगा। काशी और वडनगर को अभियान के दो प्रमुख केंद्र बनाकर पार्टी पूर्व से पश्चिम तक संगठन और जनता के बीच संपर्क मजबूत करने की कोशिश करेगी। यात्राओं के जरिए भाजपा जहां सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में है, वहीं ‘सेवा संकल्प’ अभियान के माध्यम से उन इलाकों में भी अपनी पहुंच बढ़ाएगी, जो यात्रा के निर्धारित मार्ग में शामिल नहीं हैं।