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बेंगलुरु में दर्दनाक हादसा: 40 फीट ऊंचाई से गिरा विशाल पत्थर; मलबे में दबने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत, कई लापता!

बेंगलुरु : बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मडपाट्टना में गुरुवार सुबह एक पत्थर खदान (Stone Quarry) में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ लगभग 40 फीट की ऊंचाई से एक विशालकाय चट्टान खिसककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर. . .

बेंगलुरु : बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मडपाट्टना में गुरुवार सुबह एक पत्थर खदान (Stone Quarry) में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ लगभग 40 फीट की ऊंचाई से एक विशालकाय चट्टान खिसककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई। इस हादसे में कम से कम 7 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। मलबे में और भी मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी

यह हादसा ‘कावेरी कंपनी’ के एक क्रशर यूनिट में हुआ। सुबह जब मजदूर हिताची क्रशर के पास सामान्य रूप से काम कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना घटी।

  • अचानक गिरी चट्टान: मौके पर मौजूद एक जीवित बचे मजदूर ने बताया कि खदान में करीब 18 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के ऊपर से एक भारी-भरकम पत्थर नीचे आ गिरा।
  • बिहार के रहने वाले थे मृतक: पुलिस के अनुसार, जान गंवाने वाले अधिकांश मजदूर बिहार के रहने वाले हैं जो यहाँ दिहाड़ी मजदूरी करते थे। पुलिस उनके परिवारों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही तावरेकेरे थाना पुलिस, रामनगर के एसपी श्रीनिवास गौड़ा और खदान व भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।

  • जेसीबी और क्रेन की मदद: विशाल पत्थरों को हटाने और शवों को बाहर निकालने के लिए जेसीबी (JCB) मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • राहत कार्य: अब तक मलबे से 4 शवों को निकाला जा चुका है। आशंका है कि अभी भी करीब 7 मजदूर पत्थरों के नीचे दबे हुए हैं।
  • घायलों का इलाज: हादसे में घायल हुए मजदूरों को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की प्रतिक्रिया: “मुआवजा नहीं, सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”

इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा: “खदान में यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। सभी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। मुझे मिली जानकारी के अनुसार कुछ शव बरामद किए गए हैं और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।”

कड़े नियमों और नई गाइडलाइंस का एलान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:

  • नियमों की जांच: “मैं खुद देखूंगा कि क्या खदान में पत्थर निकालने के तय नियमों का पालन किया जा रहा था या कोई लापरवाही हुई है।”
  • पूरे राज्य के लिए नई गाइडलाइंस: “हम जल्द ही पूरे कर्नाटक में पत्थर खदानों के संचालन के लिए नए कड़े दिशानिर्देश (New Guidelines) जारी करेंगे।”
  • प्राथमिकता पर बयान: “मृतकों के परिवारों को मुआवजा देना हमारी जिम्मेदारी है और हम वह देंगे। लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा कभी न हो।”

जांच शुरू: पुलिस और संबंधित विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहे हैं कि क्या खदान में कोई बुनियादी ढांचागत कमी (Structural Flaw) थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

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