कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आर. एन. रवि के अभिभाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार की उपलब्धियों, कानून-व्यवस्था में सुधार और विकास कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में अब “डर आउट, भरोसा इन” का माहौल बन रहा है और जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सरकार की सराहना
राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि सरकार अपराध, तस्करी और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लंबे समय से सक्रिय अपराधी गिरोहों और कथित वसूली तंत्र पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। मानव तस्करी, महिला उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
घुसपैठ रोकने के लिए कड़े कदम
राज्यपाल ने कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना पर पड़ रहे प्रभाव को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। उनके अनुसार, सीमा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाकर राज्य की आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।
अवैध कब्जों से मुक्त भूमि का होगा विकास में उपयोग
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से अवैध कब्जे में रही सरकारी और सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य इन जमीनों का उपयोग औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए करना है। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख
राज्यपाल ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की। विशेष रूप से अन्नपूर्णा भंडार जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य आम लोगों को राहत और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
25 जून तक चलेगा बजट सत्र
विधानसभा का यह बजट सत्र 25 जून तक चलेगा। संसदीय परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। आगामी 22 जून को वित्त मंत्री स्वपन दाशगुप्ता राज्य का बजट पेश करेंगे, जिसमें सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं की रूपरेखा सामने आएगी।
विपक्ष पर अप्रत्यक्ष निशाना
राज्यपाल ने अपने भाषण में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी की। उन्होंने भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और प्रशासनिक अक्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के उद्घाटन भाषण के माध्यम से सरकार ने सुरक्षा, विकास और प्रशासनिक सुधार को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।