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मार्केट से गायब हो जाएंगे AC-फ्रिज? सरकारी रोक के बाद कंपनियों ने दी संकट की चेतावनी, आप पर क्या असर?

डेस्क। तपती गर्मियों के बीच भारतीय ग्राहकों को AC-फ्रिज की कमी मार झेलनी पड़ सकती है। दरअसल केंद्र सरकार के एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर के सबसे मुख्य हिस्से यानी कम्प्रेसर के आयात पर कड़े प्रतिबंध की वजह से LG-BlueStar जैसी. . .

डेस्क। तपती गर्मियों के बीच भारतीय ग्राहकों को AC-फ्रिज की कमी मार झेलनी पड़ सकती है। दरअसल केंद्र सरकार के एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर के सबसे मुख्य हिस्से यानी कम्प्रेसर के आयात पर कड़े प्रतिबंध की वजह से LG-BlueStar जैसी बड़ी कंपनियों की नींद उड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी पाबंदी की वजह से LG, Samsung और Blue Star जैसे बड़े ब्रांड्स ने चेतावनी दी है कि इससे भारतीय बाजारों में कूलिंग अप्लायंसेज की भारी किल्लत हो सकती है। ऐसे में संभव है कि आपको बाजार में कूलिंग अप्लायंसेज जैसे कि AC और फ्रिज की कमतें बढ़ती और वैरायटी कम होती दिखे।

बाजार से क्यों गायब हो सकते हैं AC-फ्रिज?

​एयर कंडीशनर हो या रेफ्रिजरेटर उसके लिए कम्प्रेसर ठीक उसी तरह काम करता है जैसे किसी स्मार्टफोन या कंप्यूटर के लिए उसका प्रोसेसर। बिना इस पार्ट के AC या फ्रिज काम ही नहीं कर सकता। इस आप AC-फ्रिज का सबसे जटिल और जरूरी हिस्सा मान सकते है।
दरअसल सरकार का मकसद देश में ही कंप्रेसर की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है, लेकिन टेक कंपनियां फिलहाल इससे इत्तेफाक नहीं रखतीं। इन कंपनियों का कहना है कि भारत में फिलहाल इतनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी ही नहीं है जो भारतीय ग्राहकों की मांग को पूरा कर सके। कंपनियों को डर है कि अचानक इम्पोर्ट रुकने से कंपनियों के प्रोडक्शन हब में कंपोनेंट्स की भारी कमी हो जाएगी और इससे बाजार में AC-फ्रिज की कमी हो सकती है।

नए कंपोनेंट्स की टेस्टिंग का झंझट

रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में नए वेंडर या पार्ट्स को शामिल करना एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए कंपनियों को महीनों का समय लगता है। दरअसल नए कम्प्रेसर को डिवाइस में फिट करने के बाद कड़े सेफ्टी स्टैंडर्ड्स, एफिशिएंसी टेस्ट और लैब सर्टिफिकेशन से गुजरना पड़ता है। इसके बाद ही कंपनियों को उन पार्ट्स को अपने अप्लायंस में इस्तेमाल करने की मंजूरी मिलती है। इस लंबी टेस्टिंग प्रकिया की वजह से ही कंपनियों के नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और असेंबलिंग पूरी तरह से अटक सकती है।

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ग्राहकों के बजट पर सीधा वार

इस संकट का असर सीधे तौर पर उन ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा जो नया AC-फ्रिज लेने वाले हैं। दरअसल आधुनिक इनवर्टर एसी और स्मार्ट रेफ्रिजरेटर के प्रोडक्शन असर पड़ने से इनकी बाजार में मांग बढ़ेगी और कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और नए वेंडर अप्रूवल के बढ़ते खर्च की वजह से कंपनियों को इन अप्लायंसेज के दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
जो ग्राहक इस सीजन में बिजली बचाने वाले 5-स्टार इनवर्टर एसी या एआई-पावर्ड रेफ्रिजरेटर खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें न सिर्फ महंगे दाम चुकाने होंगे बल्कि भारी किल्लत का सामना भी करना पड़ सकता है।

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