न्यूयॉर्क । न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। स्पेन ने इससे पहले 2010 में पहली बार विश्व कप जीता था। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 106वें मिनट में फेर्रान टोरेस ने किया, जिसने अर्जेंटीना के लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के सपने को तोड़ दिया।
मेटलाइफ स्टेडियम फिर बना मेसी के दर्द का गवाह
Messi Sat and said Goodbye While Crying#ESPARG pic.twitter.com/r3HyOwj9MY
— Bello Toheeb Tejumola (@BigBheLlo) July 19, 2026
मेटलाइफ स्टेडियम एक बार फिर लियोनेल मेसी के करियर के सबसे भावुक पलों का गवाह बना। 2016 में इसी मैदान पर कोपा अमेरिका फाइनल में हार के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला बदला और वापसी करते हुए अर्जेंटीना को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं।
वापसी के बाद मेसी ने रचा स्वर्णिम इतिहास
संन्यास से लौटने के बाद मेसी ने अर्जेंटीना के साथ 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका, 2022 में फाइनलिसिमा और उसी वर्ष फीफा विश्व कप का खिताब जीतकर अपने करियर की लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसके बाद 2026 विश्व कप फाइनल को उनकी यादगार विदाई के रूप में देखा जा रहा था।
10 साल बाद अधूरी रह गई फेयरीटेल विदाई
19 जुलाई 2026 को मेसी अपने तीसरे विश्व कप फाइनल के लिए फिर मेटलाइफ स्टेडियम पहुंचे। उम्मीद थी कि यह मैदान इस बार उनकी ऐतिहासिक विदाई का गवाह बनेगा, लेकिन स्पेन की मजबूत और अनुशासित रणनीति ने अर्जेंटीना को पूरे मैच में दबाव में रखा। अतिरिक्त समय में फेर्रान टोरेस के गोल ने मुकाबले का फैसला कर दिया और मेसी का एक और विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। अंतिम सीटी बजते ही मेसी भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए।
2016 में यहीं लिया था संन्यास का फैसला

26 जून 2016 को कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में चूकने के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उनके इस फैसले ने पूरी फुटबॉल दुनिया को हैरान कर दिया था। हालांकि प्रशंसकों, साथियों और देशभर से मिले समर्थन के बाद उन्होंने कुछ ही समय में वापसी कर ली।
रिकॉर्ड बनाने से भी चूक गए मेसी
मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए और विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 21 तक पहुंचाई, लेकिन वह फ्रांस के किलियन एमबाप्पे के 22 गोल के रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ सके। एमबाप्पे ने 10 गोल के साथ गोल्डन बूट जीता, जबकि स्पेन के कप्तान रोड्री को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने पर गोल्डन बॉल से सम्मानित किया गया। इस तरह टीम की हार के साथ-साथ व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह फाइनल मेसी के लिए निराशाजनक साबित हुआ।