कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानभा चुनावों में करारी हार के बाद ममता बनर्जी लोकसभा में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने सदन में चीफ व्हिप के पद से काकोली घोष दस्तीकर को हटाकर एक बार फिर से कल्याण बनर्जी पर भरोसा जताया है। पार्टी के इस फैसले पर काकोली घोष की नाराजगी सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि 1976 से परिचित, 1984 से साथ-साथ चल रहे हैं। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में हार के बाद सबकुछ ठीक नहीं है। ममता बनर्जी को क्या पार्टी में टूट का खतरा दिख रहा है, क्योंकि उन्होंने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद ही लोकसभा के चीफ व्हिप में बदलाव किया है।
कल्याण बनर्जी को फिर से सौंपी जिम्मेदारी
सांसद काकोली घोष दस्तीदार यह टिप्पणी उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा उनकी जगह कल्याण बनर्जी को दोबारा मुख्य सचेतक नियुक्त किए जाने के तुरंत बाद लिखी। इस बयान को राजनीतिक हलकों में पार्टी नेतृत्व के प्रति उनकी गहरी निराशा और असंतोष के रूप में देखा जा रहा है। टीएमसी के लोकसभा में 29 सदस्य हैं। राज्यसभा में 12 सदस्य हैं। ऐसे में संसद में पार्टी के पास 41 सांसदों का संख्याबल है। टीएमसी के लोकसभा में कुल 29 सांसदों में 11 महिला सांसद हैं। कल्याण बनर्जी से पूर्व में महुआ मोइत्रा का भी टकराव हो चुका है। ऐसे में जब कल्याण बनर्जी के महिला सांसदों से रिश्ते ठीक नहीं है तब उनकी चीफ व्हिप की पोस्ट पर वापसी ने सभी को चौंका दिया है।
सबसे ज्यादा महिलाएं सांसद
18वीं लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुल 29 सांसदों में से 11 महिला सांसद है। यह उनकी कुल संख्या का लगभग 38% है। जो भारत के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में प्रतिशत के लिहाज से सबसे अधिक है। ऐसे में चीफ व्हिप के पद से काकोली घोष दस्तीकर की छुट्टी ने टीएमसी में अंदरुनी लड़ाई को तेज कर दिया है। 66 साल की काकोली घोष दस्तीकर तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय महिला मोर्चा यूनिटी की प्रमुख हैं। वे 2024 में लगातार तीसरी बार चुनी गई थीं। वह पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से सांसद हैं। अभी तक उनकी गिनती ममता बनर्जी के करीबियों को होती आई है।