Home » कुछ हटकर » शहर में रात को आती थी अजीब आवाजें, सुनकर आर्मी भी कांप जाती थी, अब रात में घर से बाहर नहीं निकलेंगी बाइक-मोटरसाइकिलें

शहर में रात को आती थी अजीब आवाजें, सुनकर आर्मी भी कांप जाती थी, अब रात में घर से बाहर नहीं निकलेंगी बाइक-मोटरसाइकिलें

मॉस्को। यूक्रेन के साथ चल रही जंग के बीच रूस के कब्जे वाले एक बेहद खूबसूरत इलाके में इन दिनों अजीबो-गरीब सस्पेंस और दहशत का माहौल बना हुआ है। इस शहर की रातों के सन्नाटे को चीरती हुई कुछ ऐसी. . .

मॉस्को। यूक्रेन के साथ चल रही जंग के बीच रूस के कब्जे वाले एक बेहद खूबसूरत इलाके में इन दिनों अजीबो-गरीब सस्पेंस और दहशत का माहौल बना हुआ है। इस शहर की रातों के सन्नाटे को चीरती हुई कुछ ऐसी अजीब आवाजें गूंजती थीं, जिन्हें सुनकर वहां तैनात रूसी आर्मी के जवान भी एक पल के लिए थर्रा जाते थे। इस खौफ से तंग आकर स्थानीय गवर्नर ने चौंकाने वाला फरमान सुना दिया है। रूसी प्रशासन ने ऐलान कर दिया है कि अब इस पूरे शहर में रात के वक्त मोटरसाइकिल, मोपेड, स्कूटी और क्वाड बाइक्स घर से बाहर नहीं निकलेंगी।

क्या है रूसी शहर में आ रहीं ये अजीब आवाजें?

असल में ये खौफ यूक्रेन ड्रोन्स का है, जो इस वक्त रूस को दहला रहे हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि टू-व्हीलर्स के इंजनों से निकलने वाली आवाज बिल्कुल वैसी ही भयानक लगती है जैसे कोई सुसाइड ड्रोन हमला करने आ रहा हो। इन आवाजों से रूसी आर्मी कंफ्यूज हो जाती है। ये पूरा मामला साल 2014 से रूस के कब्जे में चल रहे क्रीमिया प्रायद्वीप (Crimea) का है, जो रूस का सबसे खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है लेकिन यूक्रेन के घातक ड्रोन हमलों ने इस शहर की रातों को एक बुरे सपने में बदल दिया है।
पुतिन के दूत और क्रीमिया के गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव ने सोशल मीडिया पर आकर इस अजीबोगरीब पाबंदी की पूरी इनसाइड स्टोरी बयां की। उन्होंने साफ किया कि ये पाबंदी कोई मामूली फैसला नहीं, बल्कि रूसी सेना के बेस और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों को बचाने के लिए उठाया गया एक बेहद कड़ा मिलिट्री डिसीजन है।
शाम 8 से सुबह 6 बजे तक नो-एंट्री: बुधवार से ही ये नया नियम लागू कर दिया गया है।अब सूरज ढलते ही यानी रात 8 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कोई भी शख्स अपनी बाइक या स्कूटर लेकर घर से बाहर नहीं निकल पाएगा।

कार और बड़ी गाड़ियों को राहत

पुतिन के दूत ने साफ किया है कि ये बैन सिर्फ दोपहिया और छोटे मोटर व्हीकल्स पर ही रहेगा।रात के समय कार, एम्बुलेंस या बड़े मालवाहक ट्रकों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।

‘ड्रोन आ रहा है या मोपेड?’: कन्फ्यूज हो रही थी रूसी आर्मी

गवर्नर अक्स्योनोव के सबसे खास रणनीतिक सलाहकार ओलेग क्रुचकोव ने टेलीग्राम पर इस पाबंदी के पीछे का वो असली सच बताया, जो रूसी आर्मी की घबराहट को साफ बयां करता है। उन्होंने माना किया कि आधी रात को सड़कों पर दौड़ने वाले इन मोपेड और स्कूटरों की आवाज ने सेना की नाक में दम कर रखा था।
सलाहकार ओलेग क्रुचकोव ने अपनी पोस्ट में लिखा ‘इन छोटी मोपेड और स्कूटरों से निकलने वाली तेज आवाज हमारे सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम के काम में बहुत बड़ी बाधा बन रही थी। इनके इंजनों की आवाज हुबहू यूक्रेन के आत्मघाती ड्रोनों जैसी ही सुनाई देती है. जब भी कोई रात में बाइक दौड़ाता है, तो पूरी आर्मी अलर्ट पर आ जाती है।
रूस का दावा है कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां अब वहां के स्थानीय बच्चों और युवाओं को बहला-फुसलाकर रात के वक्त सड़कों पर तेज रफ्तार में बाइक और मोपेड दौड़ाने के लिए मोटी रकम दे रही हैं। यूक्रेन का मकसद सिर्फ इतना है कि इन गाड़ियों की अजीब आवाजों से रूसी आर्मी पूरी रात कन्फ्यूज रहे और इसी शोर का फायदा उठाकर यूक्रेन अपने असली किलर ड्रोन से रूसी सैन्य ठिकानों को तबाह कर सके।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम