चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास यात्रियों से भरी एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि इसमें सात यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस बैरागढ़ से चंबा की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार थे। अचानक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने शुरू किया राहत-बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके के लिए रवाना हुई। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल यात्रियों का उपचार जारी है।
पुलिस ने की सात मौतों की पुष्टि
चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बस दुर्घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हादसे में सात यात्रियों की मौत हुई है, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। पुलिस के अनुसार, हादसे के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके पर पहुंचकर पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी। जांच के बाद ही हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
मृतकों में बस चालक और परिचालक भी शामिल
हादसे में जान गंवाने वाले सात लोगों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- जगदेव पुत्र धर्म सिंह, निवासी बाहला देवीकोठी
- हरदेई पत्नी जगदेव, निवासी बाहला देवीकोठी
- देसराज पुत्र त्रिलोचन, निवासी बाहला देवीकोठी
- रूप सिंह पुत्र राधाराम, निवासी चिल्ली थल्ली — बस चालक
- तेज सिंह पुत्र प्यारे लाल, निवासी सत्यास तरेला — बस परिचालक
- निलमा पत्नी मोतीराम, निवासी चिल्ली देवीकोठी
- जगदेई पत्नी हरिलाल, निवासी बाहला देवीकोठी
हादसे के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस किन परिस्थितियों में अनियंत्रित होकर पलटी। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।