तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। यह अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरे दिन बड़ा अटैक है। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
- जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं: जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
- ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया: तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के जाम इलाके में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को गिराया गया। अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
- होर्मुज के पास टैंकर पर अमेरिकी हमला: ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 क्रू मेंबर सवार थे। एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कुछ क्रू मेंबर लापता बताए गए।
- रूस ने अमेरिका-ईरान से हमले रोकने की अपील की: मॉस्को ने दोनों देशों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई बंद कर कूटनीति का रास्ता अपनाने को कहा।
- कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा: कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान टकराव पर बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ईरान भेजा है।
तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 2 भारतीयों की मौत
होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी हमले में 2 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि जहाज का चीफ इंजीनियर अब भी लापता बताया जा रहा है। यह जानकारी फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने दी है।
FSUI के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि जहाज से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। उनके मुताबिक उपलब्ध जानकारी के अनुसार दो भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय, जो जहाज का चीफ इंजीनियर है, अब भी लापता है।
यादव ने अमेरिकी नौसेना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे जहाज पर मौजूद भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि यदि जहाज ने किसी निर्देश का पालन नहीं किया था तो उसे हिरासत में लेना एक विकल्प हो सकता था।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने ओमान तट के पास ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय के अनुसार जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय लापता बताए गए थे। भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है।
अमेरिका ने जॉर्डन में मिसाइल-ड्रोन हमले की चेतावनी दी
अमेरिका ने जॉर्डन में संभावित मिसाइल-ड्रोन हमले को लेकर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन या रॉकेट होने की रिपोर्ट्स मिली हैं। ऐसे में लोगों को तुरंत सुरक्षित शेल्टर में जाने और अगली सूचना तक वहीं रहने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग के ट्रैवलगव अकाउंट ने जारी अलर्ट में कहा कि जॉर्डन में मौजूद लोग तत्काल ओवरहेड कवर लें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। विभाग के मुताबिक क्षेत्र में हवाई खतरे की आशंका को देखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
UN चीफ बोले- पश्चिम एशिया गहरे संकट की तरफ बढ़ रहा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र गहरे संकट की तरफ बढ़ रहा है और इसके असर पूरी दुनिया पर पड़ सकते हैं। गुटेरेस ने X पर लिखा कि हाल के दिनों में हमले बढ़े हैं और युद्धविराम कमजोर पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीमित संघर्ष कभी भी बड़े युद्ध में बदल सकता है। UN प्रमुख ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “अब और हमले नहीं, अब और बहाने नहीं।”
ईरान का दावा- जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। हमले में अमेरिकी F-35, F-15 और F-16 लड़ाकू विमानों के ठिकानों, हैंगर और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई। ईरानी दावे के अनुसार मिसाइलों का लक्ष्य अमेरिकी सैन्य सुविधाएं और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर थे। हालांकि जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अल-अजराक क्षेत्र की ओर बढ़ रही पांच मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। सेना के अनुसार इंटरसेप्शन के दौरान मलबा जॉर्डन के इलाके में गिरा, लेकिन किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।