डेस्क। फिल्म 3 इडियट्स में ‘चतुर रामलिंगम’ का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने वास्तविक जीवन के ‘फुंसुख वांगडू’ यानी सोनम वांगचुक के समर्थन में लोगों से आगे आने की भावुक अपील की है। ओमी ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
ओमी वैद्य का वीडियो संदेश: “वह मेरे लिए प्रेरणा हैं”
ओमी वैद्य ने अपने वीडियो में कहा कि वह आमतौर पर ऐसे वीडियो नहीं बनाते, लेकिन यह मामला बेहद गंभीर है। उनके संदेश की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सोनम वांगचुक से मुलाकात: ओमी ने बताया कि वह सोनम वांगचुक से व्यक्तिगत रूप से मिल चुके हैं। वह बेहद दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं, जिन्होंने समाज के लिए कई बेहतरीन काम किए हैं।
- गंभीर स्वास्थ्य चिंताएं: सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है। ओमी ने चिंता जताते हुए कहा, “मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित और जिंदा रहें।”
- व्यस्त दिनचर्या से समय निकालने की अपील: उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से कुछ मिनट निकालें और समझें कि देश की शिक्षा व्यवस्था और पर्यावरण को लेकर क्या मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और सरकार तक बात पहुंचाने की मांग
ओमी वैद्य ने लोगों से केवल मूकदर्शक न बने रहने की अपील की है। उन्होंने कहा, “इस मैसेज को सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा शेयर और रीपोस्ट करें। अगर आपको सच में इस मुद्दे की चिंता है, तो अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों या सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएं और उनसे इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करें।”
आखिर क्यों भूख हड़ताल पर बैठे हैं सोनम वांगचुक?
मशहूर इनोवेटर और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी इस हड़ताल और आंदोलन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार: वह देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलावों और सुधारों की मांग कर रहे हैं।
- परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आवाज: वह NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं।
- जवाबदेही की मांग: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और देश की परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही तय करना है।
- ‘संसद मार्च’ का आह्वान: आंदोलनकारियों ने देश के सभी नागरिकों से इस मुहिम में एकजुट होने और आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।