नई दिल्ली। 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी जमकर बोल रहा है। साउथ जोन के खिलाफ खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और वैभव ने मैदान पर उतरते ही अपने आक्रामक तेवर दिखा दिए। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के खिलाफ बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए लगातार बड़े शॉट लगाए।
सिराज की रफ्तार पर वैभव का पलटवार!
मोहम्मद सिराज और वैभव सूर्यवंशी के बीच मुकाबले ने मैच का रोमांच बढ़ा दिया। सिराज अपनी तेज गेंदों से युवा बल्लेबाज को परेशान करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वैभव ने दबाव में आने के बजाय आक्रामक क्रिकेट खेलना जारी रखा। सिराज के खिलाफ वैभव ने पहले चौका जड़ा और फिर छक्का उड़ाकर अपने इरादे साफ कर दिए। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लगा मानो वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी टी20 क्रिकेट वाला अंदाज लेकर उतरे हों।
25 गेंदों में 35 रन, चौकों की बरसात
वैभव ने बेहद तेजी से रन बनाए। उपलब्ध स्कोर के मुताबिक वह 25 गेंदों में 35 रन बनाकर खेल रहे थे। उनकी पारी में 5 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। युवा बल्लेबाज के इस आक्रामक अंदाज ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में भी उत्साह बढ़ा दिया। वैभव लगातार गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आए।
सेमीफाइनल में भी चमका था बल्ला
वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का यह सफर शानदार रहा है। सेमीफाइनल में उन्होंने ईस्ट जोन के लिए पहली पारी में 92 रनों की अहम पारी खेली थी। उनके प्रदर्शन ने टीम को फाइनल में पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाकर बता दिया है कि वह बड़े मंच पर दबाव से घबराने वाले नहीं हैं।
ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन आमने-सामने हैं। ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ईस्ट जोन की ओर से अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत की। दूसरी ओर साउथ जोन के आक्रमण की कमान मोहम्मद सिराज समेत अनुभवी गेंदबाजों के हाथ में है।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
ईस्ट जोन
अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), मोहम्मद कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार।
साउथ जोन
रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधिश।
अब नजर वैभव की अगली पारी पर
सेमीफाइनल में 92 रन और फाइनल में शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी—वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। सिराज जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज के खिलाफ उनके बेखौफ शॉट्स ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 15 साल का यह युवा बल्लेबाज फाइनल में भी बड़ी पारी खेलकर ईस्ट जोन को खिताब की ओर ले जा पाएगा? वैभव के बल्ले से निकलने वाला अगला बड़ा शॉट इस मुकाबले की कहानी को और दिलचस्प बना सकता है।