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G7 Summit 2026 : अमेरिका-ईरान युद्ध विराम के बीच फ्रांस में जुटे वैश्विक दिग्गज; पीएम मोदी भी पहुंचे, ग्लोबल साउथ की उठाएंगे आवाज

डेस्क। अंतरराष्ट्रीय डेस्क : फ्रांस के खूबसूरत लेकसाइड रिसॉर्ट एवियां-ले-बैं (Evian-les-Bains) में आज यानी सोमवार (15 जून) से दुनिया के सात सबसे अमीर देशों के समूह (G7) का शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। यह बैठक ऐसे ऐतिहासिक मोड़. . .

डेस्क। अंतरराष्ट्रीय डेस्क : फ्रांस के खूबसूरत लेकसाइड रिसॉर्ट एवियां-ले-बैं (Evian-les-Bains) में आज यानी सोमवार (15 जून) से दुनिया के सात सबसे अमीर देशों के समूह (G7) का शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। यह बैठक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर हो रही है, जब कुछ ही घंटों पहले अमेरिका और ईरान ने पिछले तीन महीनों से चल रहे युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक प्रारंभिक शांति समझौते की घोषणा की है। इस महामंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शिरकत करने फ्रांस पहुंच चुके हैं।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर टिकीं दुनिया की नजरें

इस तीन दिवसीय (15-17 जून) शिखर सम्मेलन में G7 नेताओं के बीच सबसे बड़ा मुद्दा अमेरिका-ईरान डील की बारीकियां समझना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि खाड़ी देशों में महीनों से बंद पड़ा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) तेल मार्ग शुक्रवार से दोबारा खोल दिया जाएगा और ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटा ली जाएगी। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी घोषणा की है कि सोमवार रात से लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान पूरी तरह रोक दिए जाएंगे।
इस ऐतिहासिक डील को अंतिम रूप आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करके दिया जाएगा। इस समझौते के बाद कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी, ‘ग्लोबल साउथ’ की बनेंगे आवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने करीब एक सप्ताह लंबे यूरोप दौरे के तहत शनिवार को ही फ्रांस के नीस (Nice) शहर पहुंच चुके हैं। वह 16-17 जून को होने वाले G7 के आउटरीच सत्रों (Outreach Sessions) में हिस्सा लेंगे। भारत के साथ-साथ ब्राजील, मिस्र, केन्या और दक्षिण कोरिया को भी इस बार विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। रवानगी से पहले अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा, “फ्रांस भारत की रणनीतिक दृष्टि में एक विशेष स्थान रखता है। G7 शिखर सम्मेलन में हमारी भागीदारी ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील और गरीब देशों) की आकांक्षाओं को आवाज देने का एक शानदार अवसर होगी।” इसके अलावा पीएम मोदी Slovak Republic (स्लोवाकिया) का भी दौरा करेंगे, जो 1993 में उसकी स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।

G7 के एजेंडे में यूक्रेन और चीन भी शामिल

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के लिए यह शिखर सम्मेलन उनके दूसरे कार्यकाल के आखिरी दौर का एक बड़ा कूटनीतिक आयोजन है। इस बैठक में ईरान के अलावा कई अन्य जलते मुद्दों पर चर्चा होगी:

यूक्रेन युद्ध: मंगलवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ एक वर्किंग सेशन होगा। यूक्रेन अपने सहयोगियों से और अधिक सैन्य फंडिंग की उम्मीद कर रहा है।

चीन पर निर्भरता कम करना: सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीकों के लिए बेहद जरूरी ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (सप्लाई चेन) की आपूर्ति के लिए चीन के अलावा अन्य देशों को तलाशना G7 का मुख्य एजेंडा है।

वैश्विक आर्थिक असंतुलन: फ्रांस ने इस बात पर जोर दिया है कि चीन का जरूरत से ज्यादा उत्पादन करना और अमेरिका का अत्यधिक उपभोग वैश्विक बाजार को बिगाड़ रहा है, जिस पर लगाम लगनी जरूरी है।

द्विपक्षीय मुलाकातों का दौर

एवियां में शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रॉन के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीक को लेकर द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके बाद 18 जून को पीएम मोदी पेरिस में ‘वाइवाटेक 2026’ (VivaTech) में भी हिस्सा लेंगे, जहां भारत का सबसे बड़ा पवेलियन बनाया गया है। हालांकि, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होगी या नहीं, इस पर अभी तक दोनों पक्षों से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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