नई दिल्ली। IPL 2026 के बीच में खिलाड़ियों और अधिकारियों की अनुशासनहीनता ने BCCI को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। सचिव देवजीत सैकिया ने सभी टीमों को चेतावनी देते हुए कहा कि हालिया घटनाओं ने लीग की छवि को नुकसान पहुंचाया है। इस नई गाइडलाइन में सबसे बड़ी चेतावनी हनी ट्रैप को लेकर दी गई है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी बिना टीम मैनेजर की अनुमति के अपने होटल रूम में बाहरी लोगों को बुला रहे थे। अब नियम यह है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति, चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों न हो, बिना मैनेजर की लिखित अनुमति के खिलाड़ी के कमरे में नहीं जा सकेगा। सभी मुलाकातों के लिए होटल की लॉबी या पब्लिक एरिया का ही इस्तेमाल करना होगा।
वेपिंग और नशीले पदार्थों पर जीरो टॉलरेंस
रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करने वाले मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए BCCI ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट के वेन्यू, होटल और ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है। निर्देश में कहा गया है कि ई-सिगरेट पीना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भारतीय कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध भी हो सकता है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर कोई खिलाड़ी या स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने हर सदस्य को इस बारे में कड़ाई से सूचित करें।
मालिकों के लिए भी नो एंट्री जोन तय
दिलचस्प बात यह है कि BCCI ने टीम मालिकों के लिए भी नए नियम तय किए हैं। मैचों के दौरान कुछ मालिकों द्वारा खिलाड़ियों को गले लगाने या मैदान पर उनसे बातचीत करने की घटनाओं को बोर्ड ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है। अब टीम मालिक मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम, डगआउट या प्लेइंग एरिया में खिलाड़ियों के साथ शारीरिक संपर्क या सीधा संवाद नहीं कर सकेंगे। मालिकों को केवल अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही बात करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, खिलाड़ियों और स्टाफ को होटल से बाहर जाने से पहले सिक्योरिटी अधिकारियों (SLO/TIO) से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
लापरवाही बरती तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
BCCI ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का पालन न करना एक गंभीर अनुशासनात्मक मामला माना जाएगा। टीम मैनेजर्स को 48 घंटे के भीतर सभी खिलाड़ियों को ब्रीफ करने और उनसे लिखित पावती लेने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर बोर्ड कारण बताओ नोटिस, भारी जुर्माना, मौजूदा या अगले सीजन से निलंबन और कानूनी मामलों में पुलिस को केस रेफर करने जैसी कार्रवाई कर सकता है। बोर्ड समय-समय पर टीमों का ऑडिट और निरीक्षण भी करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मैदान के बाहर भी खेल की गरिमा और सुरक्षा बनी हुई है।