योग्याकार्ता (इंडोनेशिया)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा किया। दोनों नेता विशेष विमान से इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचे और मंदिर परिसर में चलने वाली संरक्षण एवं जीर्णोद्धार परियोजना का शुभारंभ किया।
दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इंडोनेशिया की हवा में संस्कृति की खुशबू है।” उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को दोनों देशों की सबसे बड़ी ताकत बताया।
2029 से पहले पूरा होगा जीर्णोद्धार, भारत करेगा सहयोग
मंदिर परिसर के दौरे के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 2029 से पहले प्रम्बानन मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य को पूरा करने का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति योजनाबद्ध तरीके से काम करने में विश्वास रखते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह परियोजना समय पर पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जब यह ऐतिहासिक कार्य पूरा होगा, तब वे दोबारा इंडोनेशिया आकर इस उपलब्धि का संयुक्त रूप से उत्सव मनाना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण अभियान का हिस्सा बनना भारत के लिए गर्व की बात है।
क्यों खास है प्रम्बानन मंदिर?
प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया के योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और इसे देश का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। 10वीं शताब्दी में निर्मित यह भव्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। परिसर में भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित तीन प्रमुख मंदिर हैं। इनके साथ उनके वाहनों को समर्पित मंदिर भी बने हुए हैं। यूनेस्को के अनुसार, मंदिर की दीवारों पर रामायण महाकाव्य के प्रसंगों की उत्कृष्ट नक्काशी की गई है, जो भारतीय और इंडोनेशियाई सांस्कृतिक विरासत के गहरे संबंधों को दर्शाती है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते
मंदिर दौरे से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रक्षा, कृषि, डिजिटल सहयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों ने भारतीय तकनीक पर आधारित अनुकूलित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के निर्यात को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा रक्षा सहयोग, ब्रह्मोस मिसाइल और कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
भारत करेगा संरक्षण परियोजना में सहयोग
भारत और इंडोनेशिया ने प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए औपचारिक साझेदारी पर सहमति जताई है। इस परियोजना में भारत तकनीकी और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराएगा, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे थे। इंडोनेशिया के कार्यक्रमों के समापन के बाद वे अपने अगले पड़ाव ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे। उनकी इस विदेश यात्रा में न्यूज़ीलैंड भी शामिल है। इस दौरे का उद्देश्य भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।