कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों से पहले माहौल गर्मा गया है। सबसे ज्यादा चिंता की तस्वीर फाल्टा इलाके से सामने आई है, जहां स्थानीय महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें धमकाया गया, मारा-पीटा गया और डर का माहौल बनाया गया। इन आरोपों ने चुनावी माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
एक स्थानीय महिला ने कहा, ‘TMC के इस्राफील चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर ये लोग जीत गए तो वे हमारे घर जला देंगे और खून-खराबा करेंगे।’ एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी को वोट देने के बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘हमने TMC को वोट दिया था, फिर भी उन्होंने हम पर हमला किया… हम चाहते हैं कि उसे गिरफ्तार किया जाए। हमें महिलाओं की सुरक्षा चाहिए।’
स्ट्रॉन्गरूम के बाहर कड़ी सुरक्षा
इसी तनाव के बीच कोलकाता के कई स्ट्रंगरूम के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भवानीपुर स्थित सखावत मेमोरियल गर्ल्स हाई स्कूल, नेताजी इंडोर स्टेडियम समेत कई जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। सिर्फ स्ट्रंगरूम ही नहीं, बल्कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्रशासन का कहना है कि नतीजों से पहले किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को रोकना उनकी प्राथमिकता है।
फाल्टा में दोबारा मतदान का आदेश
फाल्टा विधानसभा सीट पर हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। यहां कुल 285 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। यह मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इससे साफ है कि आयोग किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर गंभीर है और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चाहता है।
CRPF और RAF की तैनाती से बढ़ी सख्ती
फाल्टा और आसपास के इलाकों में केंद्रीय बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। CRPF और RAF के जवान प्रमुख जगहों पर तैनात हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए एक बख्तरबंद वाहन भी लगाया गया है। प्रशासन के अनुसार यह कदम किसी भी बड़ी गड़बड़ी से बचने के लिए उठाया गया है।
महिलाओं ने उठाई सुरक्षा की मांग
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है। उनका आरोप है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, चाहे उन्होंने किसी को भी वोट दिया हो। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और उन्हें सुरक्षित माहौल दिया जाए। राज्य की सभी 294 सीटों पर मतदान दो चरणों में पूरा हो चुका है। अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। हालांकि, जिस तरह से नतीजों से पहले तनाव और विरोध देखने को मिल रहा है, उसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।