वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा विभाग ने ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम बदलकर ‘पैसिफिक कमांड’ कर दिया है। ये भारत के लिए रणनीतिक संदेश है लेकिन इसने जो नया मैप जारी किया है उसमें भारत के नक्शे से छेड़छाड़ की गई है। US इंडो-पैसिफिक कमांड भारत के एक गलत नक्शे का इस्तेमाल किया है और इसमें पूरा जम्मू-कश्मीर शामिल नहीं है और PoK को पाकिस्तानी इलाका दिखाया गया है। इस नक्शे में भारत को हल्के हरे रंग से दर्शाया गया है लेकिन जम्मू-कश्मीर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों (PoK और अक्साई चिन) को भारत के मुख्य हरे रंग के नक्शे से बाहर कर दिया गया है।
ये नक्शा तब जारी किया गया है जब यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर ‘पैसिफिक कमांड’ कर दिया गया है। वहीं आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने वाली है। उससे पहले अमेरिका ने भारतीय नक्शे को गलत तरह से दिखाया गया है जिससे नया विवाद शुरू हो गया है। इस नक्शे में भारत की सीमाओं के ठीक बीच से एक काली रेखा गुजर रही है जो अमेरिकी सैन्य कमानों के कार्यक्षेत्र को विभाजित करती है।
अमेरिका ने भारत का गलत नक्शा दिखाया
भारत अपनी पूरी थलीय और समुद्री सीमा की सुरक्षा को अखंड मानता है लेकिन अमेरिकी सैन्य कमान का यह नक्शा भारत के पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान और भारत को दो अलग-अलग सैन्य कमानों (CENTCOM और INDOPACOM) में बांटकर देखता है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन लगातार भारत के खिलाफ फैसले कर रहा है। उसने एक बार फिर से एंटी-इंडिया कदम उठाया है। मैप में साफ़ दिख रहा है कि POJK, USPACOM के AOR का हिस्सा नहीं है। आप इस मैप की तुलना भारत के आधिकारिक मैप से कर सकते हैं।
भारत का असली मानचित्र

अमेरिका ने जो मैप दिखाया है उसमें पाकिस्तान USCENTCOM के अधीन दिख रहा है। भारत के पश्चिम में स्थित पाकिस्तान को इस कमान के दायरे से बाहर (USCENTCOM के तहत) होने के कारण हल्के भूरे/सफेद रंग में दिखाया गया है। हालांकि इस मैप में अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ का नाम बदलकर ‘पैसिफिक कमांड’ करने का मतलब PACOM की वापसी हो गई है। यह अजीब बात है कि ट्रंप 1.0 ने इसका नाम बदलकर INDOPACOM कर दिया था और फिर ट्रंप 2.0 ने अपने ही फैसले को पलट दिया गया है।
माना जा रहा है कि ट्रंप 2.0 ‘इंडो-पैसिफिक’ को एक जियो-स्ट्रेटेजिक फ्रेम के तौर पर नए सिरे से देख रहे हैं। असल में उन्होंने आधिकारिक बयानों में कई बार ‘एशिया-पैसिफिक’ शब्द का इस्तेमाल भी किया है। इससे साफ पता चलता है कि वे चीन के साथ ज्यादा जुड़ाव बढ़ाने की सोच रहे हैं न कि उसके प्रति आक्रामक रुख अपनाने की। वहीं भारत का गलत नक्शा दिखाने का मतलब ट्रंप प्रशासन का पाकिस्तान के साथ हालिया लगाव हो सकता है।
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