डेस्क। सनातन परंपरा में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी को चम्पक द्वादशी के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है। आज चम्पक द्वादशी है और पूरे देश में मान्य जाएगा इस दिन भगवान विष्णु की पूजा चम्पा के सुगंधित फूलों से करने की धार्मिक परंपरा है। कई स्थानों पर इसे राम-लक्ष्मण द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवान विष्णु की आराधना कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चम्पक द्वादशी पर भगवान विष्णु को ताजे चम्पा के पुष्प अर्पित करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, मानसिक शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। यह आस्था पर आधारित धार्मिक विश्वास है।
इस मंत्र का करें जाप
मान्यता है कि चम्पक द्वादशी पर नीचे दिए गए मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है—
“नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरुबाहवे। सहस्त्रनाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युगधारिणे नमः।”
चम्पा के फूलों से जुड़े धार्मिक उपाय
@ आर्थिक उन्नति और धन-संपन्नता की कामना के लिए लक्ष्मी-नारायण मंदिर में चम्पा के फूल अर्पित कर देसी घी का दीपक जलाएं।
@ परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की इच्छा हो तो भगवान विष्णु को चम्पा के फूलों की माला अर्पित करें।
@ जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हुए पीले वस्त्र धारण कर भगवान श्रीहरि के चरणों में चम्पा के पुष्प चढ़ाएं।
@ ग्रह संबंधी दोषों की शांति के लिए चम्पा के फूलों का दान करना भी शुभ माना जाता है।
@ घर की पूर्व दिशा में भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कर “ॐ गोविन्दाय नमः” मंत्र का जाप करते हुए पांच चम्पा के फूल अर्पित करें। पूजा के बाद फल और फूल दान करना भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।
@ भगवान विष्णु को केसर का तिलक अर्पित करें और स्वयं भी केसर का तिलक लगाएं। मान्यता है कि इससे कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
@ घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए इस दिन चम्पा का पौधा लगाना भी शुभ माना जाता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
@ भगवान को हमेशा ताजे और सुगंधित चम्पा के फूल ही अर्पित करें, मुरझाए या बासी फूल न चढ़ाएं।
@ पूजा के दौरान मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखें तथा क्रोध और अहंकार से दूर रहें।
@ चम्पा के फूलों के साथ तुलसी दल अर्पित करना भगवान विष्णु की पूजा में विशेष शुभ माना जाता है।