सिलीगुड़ी। जमीन पर कथित कब्जे और जाली दस्तावेजों के जरिए एक विधवा महिला की सरकारी पट्टे की जमीन हड़पने के आरोप में फांसीदेवा के प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता काजल घोष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें शनिवार देर रात खोरीबाड़ी इलाके से पकड़ा। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें खोरीबाड़ी थाने ले जाया गया। मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। काजल घोष फांसीदेवा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व तृणमूल को-ऑर्डिनेटर रह चुके हैं और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) के सदस्य के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
नौ साल पुराने जमीन विवाद ने लिया नया मोड़
पुलिस के अनुसार, मामला करीब नौ वर्ष पुराना बताया जा रहा है। आरोप है कि विधाननगर क्षेत्र के बड़ा पाइपकाड़ा मौजा में एक विधवा महिला के नाम दर्ज एक एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया गया था। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने के बाद वहां श्रीरूपा टी एंड इंडस्ट्री के नाम से चाय प्रसंस्करण इकाई यानी बॉट लीफ फैक्ट्री स्थापित की गई।
जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन से संबंधित कथित तौर पर जाली दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर महिला की जमीन पर कब्जा किया गया।महिला का दावा है कि जमीन पर अपना अधिकार जताने और कब्जे का विरोध करने पर उसे धमकियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
राजनीतिक प्रभाव के कारण चुप रहने का दावा
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, आरोपी के राजनीतिक प्रभाव के कारण वह लंबे समय तक मामले को लेकर कार्रवाई नहीं करा सकीं। कथित दबाव और धमकियों के चलते वह पुलिस के पास जाने से भी बचती रहीं। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और अपनी जमीन वापस दिलाने तथा मामले में कार्रवाई की मांग की।
7 अगस्त को दर्ज हुई लिखित शिकायत
महिला ने 7 अगस्त को फांसीदेवा थाने में काजल घोष और उनकी पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों, शिकायत में लगाए गए आरोपों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की। इसके बाद शनिवार देर रात काजल घोष को खोरीबाड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस को पुराने मामलों की भी जानकारी
पुलिस के मुताबिक, काजल घोष के खिलाफ जमीन विवाद के अलावा कथित तौर पर अन्य असामाजिक गतिविधियों से जुड़े पुराने मामले भी दर्ज हैं। पुलिस इन मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। हालांकि, पुराने मामलों की प्रकृति और उनमें वर्तमान मामले से किसी तरह का संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अदालत में होगी पेशी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और काजल घोष को खोरीबाड़ी थाने ले जाया गया। उन्हें रविवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है। अदालत में पुलिस मामले की जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई के संबंध में अपना पक्ष रख सकती है। वहीं, अदालत यह तय करेगी कि आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजा जाए या न्यायिक हिरासत में।
जमीन विवाद में आगे बढ़ सकती है जांच
काजल घोष की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जमीन का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है, कथित दस्तावेज किस तरह तैयार हुए और जमीन पर चाय प्रसंस्करण इकाई किस प्रक्रिया के तहत स्थापित की गई। पुलिस यह भी जांच सकती है कि इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और सभी आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।