श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकवाद-रोधी कार्रवाई में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया है। मुठभेड़ के बाद उसका शव बरामद कर लिया गया, जबकि उसके पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में एक अन्य आतंकी की तलाश जारी है और सर्च ऑपरेशन अभी भी चल रहा है।
सेना, पुलिस और CRPF का संयुक्त अभियान
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) शोपियां, सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और सीआरपीएफ (CRPF) ने संयुक्त अभियान के दौरान लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया। पुलिस ने अपने संदेश में कहा, “तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते।”
चार दिन से चल रहा था ऑपरेशन
अधिकारियों के मुताबिक, शोपियां के मीमंदर इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद चार दिन पहले आतंकवाद-रोधी अभियान शुरू किया गया था। 3 जुलाई को मीमंदर क्षेत्र के घने बागों में लगे निगरानी कैमरों में दो संदिग्ध आतंकवादी दिखाई दिए थे। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा
आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए सेना की विक्टर फोर्स ने इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान मुठभेड़ में जाकिर गनई मारा गया।
एक और आतंकी की तलाश जारी
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस ऑपरेशन में एक अन्य आतंकी भी मौजूद था, जिसकी तलाश अभी जारी है। पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षाबलों ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पहलगाम हमले में भी सामने आया था नाम
सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, मारा गया आतंकी जाकिर गनई दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का रहने वाला था और वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम पहले भी कई आतंकी गतिविधियों में सामने आ चुका था। अधिकारियों के अनुसार, उसका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। वहीं, उसके साथ सक्रिय दूसरा आतंकी लतीफ, जो कुलगाम का ही निवासी बताया जा रहा है, पिछले वर्ष आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। उसकी तलाश में सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है।