डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला अब ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा। पहला मैच बारिश से धुल गया था और दूसरे में भारत को हार झेलनी पड़ी। ऐसे में यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम हो गया है। वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने डेब्यू में 14 रन बनाए थे, इस बार बड़ी पारी खेलकर खुद को साबित करने की कोशिश करेंगे।
ट्रेंट ब्रिज: बल्लेबाजों के लिए खुला रन-बैंक या गेंदबाजों की परीक्षा?
ट्रेंट ब्रिज की पिच टी20 क्रिकेट में हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती रही है। गेंद बल्ले पर आसानी से आती है और आउटफील्ड तेज होने के कारण चौके-छक्के लगाना आसान हो जाता है। हालांकि नई गेंद से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है, लेकिन एक बार सेट होने के बाद बल्लेबाज पूरी तरह हावी हो जाते हैं।
16 मैच, 200+ का नया ट्रेंड: ट्रेंट ब्रिज का बदलता मिजाज
- कुल टी20 मैच: 16
- पहले बल्लेबाजी की जीत: 10
- चेज़ करने वाली टीम की जीत: 6
- औसत स्कोर: 167+
हाल के वर्षों में यहां 200+ स्कोर आम हो गए हैं। पाकिस्तान का 232 रन का धमाका और श्रीलंका का न्यूजीलैंड को 110 पर समेटना इस मैदान की दो अलग कहानियां दिखाते हैं।
जहां बैट बोले, वहां रिकॉर्ड टूटे: इतिहास दोहराने की तैयारी
ट्रेंट ब्रिज का मैदान हमेशा बड़े स्कोर और तेज़ बल्लेबाज़ी का गवाह रहा है। यही वजह है कि यहां हर मैच में रिकॉर्ड टूटने का खतरा बना रहता है। 2009 में भारत ने इसी मैदान पर लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्ष किया था और 12 रन से हार गया था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
वैभव सूर्यवंशी का तूफान: क्या टूटेगा युवराज सिंह का 12 गेंदों वाला रिकॉर्ड?
वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट-ए क्रिकेट में सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर दुनिया को चौंका दिया था। अगर वह उसी अंदाज में खेले, तो बड़े रिकॉर्ड्स खतरे में पड़ सकते हैं।
- युवराज सिंह: 12 गेंदों में T20I फिफ्टी (vs इंग्लैंड, 2007)
- फिन ऐलन: 33 गेंदों में T20I शतक
- साहिल चौहान: 27 गेंदों में T20I शतक (एसोसिएट टीम)
ट्रेंट ब्रिज + फॉर्म + पावर हिटिंग = क्या बनेगा नया इतिहास?
इस मैदान की पिच, तेज आउटफील्ड और बल्लेबाजों के अनुकूल हालात मिलकर एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की पूरी कहानी बनाते हैं। अगर वैभव सूर्यवंशी लय में आ गए, तो यह मैच रिकॉर्ड बुक्स को हिला सकता है।