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तारातला हादसा में बढ़ सकती है फिरहाद हकीम की मुश्किलें : मौत का आंकड़ा पहुंचा 17, पूर्व मेयर के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज

कोलकाता। कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के मामले में त्रासदी और गहरी हो गई है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। हाल ही में एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में इलाज के दौरान बिहार. . .

कोलकाता। कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के मामले में त्रासदी और गहरी हो गई है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। हाल ही में एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में इलाज के दौरान बिहार के एक और मजदूर ने दम तोड़ दिया। इसी बीच, इस पूरे मामले की जांच ने अब एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है। कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के खिलाफ तारातला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस शिकायत में फिरहाद हकीम के अलावा दो अन्य रसूखदार नामों का भी जिक्र है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

भारतीय जनता मजदूर सेल ने की गिरफ्तारी की मांग

यह शिकायत ‘भारतीय जनता मजदूर सेल’ की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें मुख्य रूप से चार मांगें उठाई गई हैं:
पारदर्शी जांच: तारातला गोदाम हादसे की तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: इस अवैध निर्माण से जुड़े और मासूमों की मौत के जिम्मेदार हर व्यक्ति की भूमिका की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
दिग्गजों की गिरफ्तारी: शिकायत में विशेष रूप से पूर्व मेयर फिरहाद हकीम, अनवर खान और शम्स इकबाल का नाम शामिल करते हुए उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई है।
सुरक्षा ऑडिट: भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए इलाके की अन्य खतरनाक और अवैध इमारतों का तुरंत निरीक्षण कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।

24 जून को हुआ था भयानक हादसा

गौरतलब है कि बीते 24 जून को तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत ढह गई थी। मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए थे। हादसे के बाद दमकल विभाग, कोलकाता पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और भारतीय सेना ने संयुक्त रूप से युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया था। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि कई घायल अभी भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
जांच का दायरा बढ़ा: हादसे के बाद से ही निर्माण की मंजूरी, घटिया सामग्री और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन मेयर फिरहाद हकीम के ओएसडी (OSD) कालीचरण बनर्जी सहित कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। निर्माण कंपनी और ठेकेदारों से भी लगातार पूछताछ जारी है।

क्यों उठे पूर्व मेयर पर सवाल?


शिकायतकर्ता के अनुसार, जिस जमीन पर गोदाम बन रहा था, वह कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अधीन है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े निर्माण को मंजूरी कैसे मिली? शिकायत में कहा गया है कि कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर होने के नाते शहर के निर्माण कार्यों की निगरानी करना फिरहाद हकीम की प्रशासनिक जिम्मेदारी थी, इसलिए वे इस हादसे की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

पुलिस का रुख

पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। पुलिस निष्पक्षता से सभी पहलुओं की जांच कर रही है, और जल्द ही इस मामले में अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, तारातला हादसे के असली कारणों और प्रशासनिक लापरवाही के स्रोतों का पता लगाना ही जांचकर्ताओं का मुख्य लक्ष्य है।

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